पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती से रेवेन्यू में आएगी 30,000 करोड़ रुपए की कमी

केन्द्र के राजस्व पर बिना प्रभाव डाले कीमतों में गिरावट आएगी

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के बढ़ती कीमतों ने जहां लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। वहीं बढ़ती कीमतों को रोक पाने में भाजपा सरकार भी नाकाम हैं। इसका संकेत कुछ अधिकारी यह कह कर दे रहे हैं कि सरकार नहीं चाहती कि रैवेन्यू में कमी हो क्योंकि इससे भलाई स्कीमों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

भाजपा ने पैट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के लिए वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया। कानून और आई.टी. मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा था कि हम इस समस्या के लिए लोगों के साथ हैं और कोशिश कर रहे हैं कि समस्या पर काबू पा लिया जाए तथा पूरी आशा है कि मसले को सुलझा लिया जाएगा।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि केन्द्र की तरफ से कर नहीं घटाया जाएगा क्योंकि 2 रुपए लीटर घटाने से सरकार के रैवेन्यू में 28,000 करोड़ से 30,000 करोड़ रुपए की कमी आएगी।

इसके बावजूद बहुत-से राज्यों की तरफ से वैट घटाए जाने की आशा है जिसके साथ केन्द्र के राजस्व पर बिना प्रभाव डाले कीमतों में गिरावट आएगी।

वहीं इस साल चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत का असर इन राज्यों में देखने को मिल सकता है।

बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भारत बंद का आह्वान किया,जो काफी हद तक सफल रहा है। इधर राजस्थान और आंध्र प्रदेश ने पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की कमी की थी।

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