छत्तीसगढ़राजनीतिराष्ट्रीय

पीएल पुनिया ने डॉक्टरों की मौत पर केंद्र सरकार को कठघरे में किया खड़ा

सरोज पांडेय ने मोदी सरकार की ओर से किए गए उपायों की तारीफ की

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी की राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय और कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया के बीच राज्यसभा में कोरोना को लेकर जमकर आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।

सरोज पांडेय ने जहां मोदी सरकार की ओर से किए गए उपायों की तारीफ की, वहीं पीएल पुनिया ने लॉकडाउन से लेकर डॉक्टरों की मौत पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। पुनिया ने कहा कि बिना सोचे-समझे लॉकडाउन कर दिया गया। लॉकडाउन में उद्योग-व्यवसाय बंद होने के बाद मजदूरों के बारे में भी विचार नहीं किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि मुख्यमंत्रियों से 15 बार वीडियो कॉन्फ्रेंस की गई, तो फिर लॉकडाउन करने से पहले क्यों नहीं चर्चा की? सभी राजनीतिक दलों से क्यों नहीं चर्चा की? सरोज ने कहा कि कोरोना वारियर्स पर हमले करने वालों पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस पर पुनिया ने पूछा कि फिर कोरोना वारियर्स की मौत पर आर्थिक मुआवजा क्यों नहीं दिया जा रहा।

सरोज पांडेय ने कहा कि कोरोना वारियर्स की सुरक्षा और संक्रमण काल में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को क्षति से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने कई प्रावधान किए हैं। कोरोना वारियर्स पर हमला करने वालों को तीन माह से लेकर पांच साल तक की सजा हो सकती है। 50 हजार से लेकर दो लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

स्वास्थ्यकर्मी पर हमला करने वालों की सजा छह महीने से लेकर सात साल तक बढ़ाई जा सकती है। जुर्माना एक लाख से पांच लाख तक हो सकता है। इससे अपराधियों में भय है। पीएल पुनिया ने कहा कि विषम परिस्थितियों में काम करने वालों का वेतन काटा जा रहा है। अब तक 382 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार को इसकी जानकारी नहीं है। उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button