छात्रों के भविष्य के साथ सरेआम हो रहा खिलवाड़, बर्दाश्त योग्य नहीं है – संजीव अग्रवाल

डॉ. सी. वी. रमन निजी विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के कारण छत्तीसगढ़ सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रशासन बैठाने की चेतावनी।

रायपुर. निजी विश्वविद्यालयों के गोरखधंधों की पोल खोलने वाले आरटीआई कार्यकर्ता और विसलब्लोअर संजीव अग्रवाल ने एक और खुलासा किया है। आरटीआई से मिले दस्तावेज़ों के आधार पर पेपरों को ध्यान से देखने पर ज्ञात हुआ कि सी. वी. रमन युनिवर्सिटी द्वारा एक प्राइवेट पोर्टल के मार्फत छात्रों से फीस जमा कर मार्कशीट जारी करने का गोरखधंधा किया जा रहा है जबकि उस पोर्टल द्वारा कार्य करने के लिए शासन स्तर पर कोई अनुमति नहीं ली गई है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के निवासी आरटीआई कार्यकर्ता और विसलब्लोअर संजीव अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया को बताया है कि, कोटा बिलासपुर, छत्तीसगढ़ स्थिति, डॉ. सी. वी. रमन निजी विश्वविद्यालय द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन प्रवेश फॉर्म भरने के उपरांत विद्यार्थियों को किसी भी परीक्षा के लिए नहीं बुलाने पर अवर सचिव, ए. आर. खान के द्वारा 18 अगस्त 2021 को एक पत्र जारी करते हुए लिखा गया है कि डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर द्वारा विद्यार्थियों के प्रवेश करने, उनकी फीस जमा कर भेजने अथवा उनके द्वारा आवेदन भरने के लिए उन संस्थाओं को अधिकृत किया जाता है।

आपके द्वारा विद्यार्थियों की फीस नहीं लौटाने, अंकसूची प्रदान नहीं करने, डुप्लीकेट मार्कशीट प्रदान नहीं किए जाने के कारण विद्यार्थियों का बहुमूल्य एक बार बर्बाद होने व उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किए जाने का कृत्य किया गया है। तो क्यों ना डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा, बिलासपुर की मान्यता निलंबित किया जाए व प्रशासक नियुक्त किया जाए।

छत्तीसगढ़ के कुछ निजी विश्वविद्यालय अपनी आय बढ़ाने के लिए नित्य नए हथकंडे अपनाते जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ सरकार उच्च शिक्षा विभाग कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है।

संजीव अग्रवाल ने कहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ हो रहा है। ये बर्दाश्त योग्य नहीं है, अगर छत्तीसगढ़ सरकार इस पर जल्द से जल्द कोई कार्रवाई नहीं करती है तो मजबूरन हाईकोर्ट की शरण में हमें जाना पड़ेगा।

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