2029 तक PM रह सकते हैं मोदी : ब्लूमबर्ग मीडिया

नरेंद्र मोदी (67 वर्ष) साल 2014 में पीएम बनने वाले नरेंद्र मोदी का कद इतना बड़ा हो गया है कि कोई भी समकक्ष नेता उनकी बराबरी करने में असक्षम है. वैश्विक क्रम को दो चीजों से आंका जाता है.

नरेंद्र मोदी (67 वर्ष) साल 2014 में पीएम बनने वाले नरेंद्र मोदी का कद इतना बड़ा हो गया है कि कोई भी समकक्ष नेता उनकी बराबरी करने में असक्षम है. वैश्विक क्रम को दो चीजों से आंका जाता है. पहला आर्थिक ताकत और दूसरी सैन्य क्षमता. इन दोनों मापदंडों पर अमेरिका विश्व में नंबर वन है.

चीन दूसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है, लेकिन जब अहम वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन, गरीबी से लड़ने और शांति कायम करने की बात आती है तो यह देखना जरूरी हो जाता है कि दुनिया के कौन से कद्दावर नेता इससे निपटने में सक्षम होंगे.

यही जानने के लिए ब्लूमबर्ग मीडिया समूह ने दुनिया के 16 देशों के नेताओं का एक आकलन किया है. इसमें अनुमान लगाया गया है कि भारत के पीएम मोदी 2029 तक प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं. ज्यादा दिनों तक शासन कर सकने वाले नेताओं में वह छठे स्थान पर हैं.

उनके करिश्माई व्यक्तित्व के आगे विपक्ष पूरी तरह बिखर चुका है. लोगों के बीच उनकी गजब की लोकप्रियता को देखते हुए उम्मीद है कि 2019 में भी उनके नेतृत्व में राजग की दुबारा सरकार बनेगी. यानी 2024 तक उनकी प्रधानमंत्री बने रहने की प्रबल संभावना है.

अपने चार वर्ष के कार्यकाल में ही बड़े और कड़े फैसलों से उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान की है. ऐसे में कार्यकाल की सीमा बाध्यता न होने और प्रभावी विपक्ष नेता के अभाव में वे 2024 में भी प्रधानमंत्री बनकर 2029 तक देश की सेवा कर सकते हैं.

जानें विश्व का कौन नेता कितने दिनों तक रह सकते हैं सत्ता में

वहीं शी चिनफिंग (64), चीन के राष्ट्रपति कार्यकाल सीमा खत्म करने के बाद वह कुछ दशक और शासन कर सकते हैं. व्लादिमीर पुतिन (65), रूस ने चौथी बार सत्ता हासिल की. हालांकि कार्यकाल की सीमा के चलते 2024 में उन्हें पद त्यागना पड़ सकता है. वहीं रेसेप तैयप एदरेगन (64), तुर्की 2014 में देश के पहले चुने गए राष्ट्रपति बने. 2019 में चुनाव जीतने की प्रबल संभावना है. संवैधानिक नियमों को बदलने में अगर सफल होते हैं तो एक दशक और शासन कर सकेंगे. बेंजामिन नेतन्याहू (68), इजरायल के दस वर्ष बाद 2009 में पुन: सत्ता संभाली. घोटालों में नाम आया. जांच में बचेंगे तो 2019 में कार्यकाल संभाल सकते हैं.

शिंजो एबी (63), जापान के आरोपों के चलते दोबारा प्रधानमंत्री बनने की संभावना कम हो गई है. एंजेला मार्केल (63), जर्मनी 2021 में सत्ता में लौटने की संभावना नहीं दिखती. टेरीजा मे (61), ब्रिटेन इस महीने के अंत या फिर मार्च 2019 में सत्ता छोड़ सकती हैं. मिकेल तेमिर (77), ब्राजील चुनाव लड़ने से इन्कार किया है. मोहम्मद बिन सलमान (32 वर्ष), सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिना सुल्तान बने सऊदी अरब पर प्रभावी शासन कर रहे हैं. वे अगले 50 वर्षो तक शासन कर सकते हैं. किम जोंग उन (33 वर्ष), उत्तर कोरिया के अमेरिका से युद्ध की नौबत नहीं आती है तो उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन कई दशकों तक वहां शासन करेंगे.

आयतुल्लाह अली खामनेई (78), ईरान 1981 से सत्ता संभाल रहे खामनेई को सेना व जनता का समर्थन है. अंतिम समय तक शासन कर सकते हैं. इमैनुएल मैक्रों (40), फ्रांस 2017 में राष्ट्रपति बने. उम्मीद है कि 2022 में भी उनकी विकासोन्मुखी नीतियां काम आएंगी. निकोलस मैडुरो (55), वेनेजुएला 2013 में राष्ट्रपति बने. संभावना है कि एक कार्यकाल और पूरा करेंगे. डोनाल्ड ट्रंप (71), अमेरिका 2016 में राष्ट्रपति बने ट्रंप का कार्यकाल विवादित रहा है. महाभियोग की बातें उठीं. इसी कार्यकाल को पूरा करने पर संदेह है.

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