राष्ट्रीय

शाह के पक्ष में आएं पीएम इमरान, बोले- हिन्दुस्तान में मुस्लमानों को बराबर का दर्जा नहीं

मुसलमानों को बराबर का शहरी नहीं समझा जाएगा...वो हिन्दुस्तान में आज हो रहा है.

लाहौर।

सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह द्वारा अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर जताई गई चिंता और गुस्सा अब पाकिस्तान तक पहुंच गया है. पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने के बयान का समर्थन किया है

और कहा है कि ये बातें पाकिस्तान के निर्माता जिन्ना को पहले से ही पता थी इसलिए उन्होंने मुसलमानों के लिए अलग पाकिस्तान की मांग की थी.

इमरान खान पाकिस्तान की पंजाब सरकार की 100 दिन की कामयाबियों को गिनाने के लिए लाहौर में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे. इमरान खान ने कहा कि मुहम्मद अली जिन्ना हिन्दू मुस्लिम एकता के समर्थक थे और उन्हें इकट्ठा करना चाहते थे.

उन्होंने कहा, “किसी वजह से कायदे आजम कांग्रेस से अलग हुए होंगे और वो वजह ये थी कि उन्हें धीरे-धीरे एहसास हुआ कि जो कांग्रेस आजादी मांग रही है, उसमें मुसलमानों को बराबर का शहरी नहीं माना जाएगा…

आज के हिन्दुस्तान में…मैं अभी नसीरुद्दीन शाह का पढ़ रहा था…वो जो बातें कर रहे हैं…वो सारी वो चीजें हैं जो कायदे आजम तब कर चुके थे जब उन्होंने कहा था कि हिन्दुस्तान में मुसलमानों को बराबर का शहरी नहीं समझा जाएगा…वो हिन्दुस्तान में आज हो रहा है.”

इमरान खान ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान जिन्ना को एहसास होने लगा था कि कांग्रेस जिस आजाद मुल्क की मांग कर रही है उसमें मुसलमानों को बराबरी का दर्जा हासिल नहीं होगा.

बता दें कि नसीरुद्दीन शाह ने बुलंदशहर हिंसा का जिक्र करते हुए कहा था कि आज के परिवेश में गाय की जान एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान से ज्यादा कीमती है.

उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा की फिक्र होती है क्योंकि उन्होंने अपने बच्चों को मजहबी तालीम नहीं दी है और उन्हें डर है कि कल अगर कोई भीड़ उनके बच्चों को घेरकर उनका धर्म पूछती है तो वो जवाब नहीं दे पाएंगे.

01 Jun 2020, 6:43 AM (GMT)

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