पीएम मोदी ने नए मंत्रियों से पूर्ववर्तियों से मिलने और उनके अनुभव से सीखने को कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्‍यक्षता की

नई दिल्ली:भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए नए सदस्यों के साथ गुरुवार को अपने आवास पर बैठक की। इस दौरान उन्होंने मंत्रियों को उनकी जिम्मेदारियों के कुशलतापूर्वक निर्वहन के लिए कई सुझाव दिए और कुछ हिदायतें भी दीं।

कैबिनेट बैठक के बाद लगभग दो घंटे चली मंत्रिपरिषद की बैठक में गवर्नमेंट फार ग्रोथ पर बातें हुईं। सूत्रों ने बताया कि इसमें पीएम मोदी की ओर से नए बने मंत्रियों को सही सोच और लगन के साथ समयबद्ध तरीके से योजनाओं को परवान चढ़ाने की सीख दी गई। सभी से समय पर कार्यालय पहुंचने और बेवजह बयानबाजी से बचने को कहा गया। जानें इस बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों को क्‍या टिप्‍स दिए…

पूर्ववर्तियों से सीखने की सलाह

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में पीएम मोदी ने नए मंत्रियों को कुछ टिप्‍स दिए। पीएम मोदी ने नए मंत्रियों से पूर्ववर्तियों से मिलने और उनके अनुभव से सीखने को कहा। नई मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम ने कहा कि जो अब इसका हिस्सा नहीं हैं उन्होंने काफी योगदान दिया है और नए लोग उनसे सीख सकते हैं।

समय से पहुंचें कार्यालय

पीएम मोदी ने मंत्रियों से समय पर कार्यालय पहुंचने और अपनी सारी ऊर्जा को मंत्रालय के काम में लगाने के लिए कहा। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से गरिमा में रहकर काम करने का भी निर्देश दिया। सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी ने नए मंत्रियों को अनावश्यक बयानबाजी से बचने की सलाह भी दी।

महामारी के प्रति लोगों को जागरूक करते रहें

कोरोना का प्रकोप कम होते ही मनाली समेत दूसरे पर्यटक स्थलों और बाजारों में उमड़ रही भीड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता बढ़ा दी है। विस्तार के बाद गुरुवार को मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में उन्होंने इसका जिक्र करते हुए सभी को आगाह किया कि अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है, इसलिए सावधानी जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी मंत्री लोगों को जागरूक करते रहें।

महामारी का खतरा अभी टला नहीं

बैठक में पीएम मोदी ने कोरोना प्रोटोकॉल की जरूरत पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि हाल के महीनों की तुलना में अब मामलों में कमी आने के चलते लोग बाहर जाना चाह रहे हैं लेकिन सभी को यह याद रखना चाहिए कि कोरोना महामारी का खतरा अभी टला नहीं है। कई अन्य देशों में संक्रमण में वृद्धि देखी जा रही है। वायरस में भी बदलाव हो रहा है।

यह नजारा सुखद नहीं

मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी भीड़-भाड़ वाली जगहों और बिना मास्क या सोशल डिस्टेंसिंग के घूम रहे लोगों की तस्वीरें और वीडियो देख रहे हैं। यह सुखद नजारा नहीं है। इससे हममें डरना चाहिए। ऐसे समय में लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

एक गलती पड़ेगी भारी

पीएम मोदी ने महाराष्ट्र और केरल से लगातार बड़ी संख्या में कोविड मामलों के सामने आने पर चिंता व्यक्त की। उन्‍होंने कहा कि एक गलती के दूरगामी प्रभाव होंगे और कोरोना महामारी पर काबू पाने की लड़ाई कमजोर होगी।

हमारा उद्देश्य भय पैदा करना नहीं

पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि मंत्री के रूप में हमारा उद्देश्य भय पैदा करना नहीं होना चाहिए वरन लोगों से हर संभव सावधानी बरतने का अनुरोध करना चाहिए ताकि हम आने वाले समय में इस महामारी को काबू में कर सकें। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई पूरे जोश के साथ चल रही है। हम देशवासियों की पर्याप्त संख्या में टीकाकरण कर रहे हैं। यही नहीं महामारी को काबू में करने के लिए टेस्टिंग भी लगातार बढ़ रही है…

स्‍वास्‍थ्‍य और कृषि के क्षेत्र में बड़े फैसले

इससे पहले पीएम मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट की बैठक ली जिसमें स्‍वास्‍थ्‍य और कृषि के क्षेत्र में कई बड़े फैसले लिए गए। इन फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया है। उन्‍होंने बताया कि भविष्य में कोविड से कैसे निपटे उसके लिए 23 हज़ार करोड़ रुपए का पैकेज लाया जाएगा। केंद्र सरकार 15,000 करोड़ रुपए देगी और राज्य सरकारें 8,000 करोड़ रुपए देगी।

736 ज़िलों में बनेंंगी पीडिएट्रिक यूनिट

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि 736 ज़िलों में पीडिएट्रिक यूनिट बनाए जाएंगे। 20,000 आइसीयू बेड तैयार किए जाएंगे। हर ज़िले में 10,000 लीटर ऑक्सीजन स्टोरेज की व्यवस्था की जाएगी। हर ज़िले में एक करोड़ रुपए की दवाईयों का बफर स्टॉक किया जाएगा। 23,000 करोड़ रुपए के इस पैकेज की सारे प्रावधानों को अगले नौ महीनों में अमल में लाया जाएगा।

नारियल बोर्ड एक्ट में होगा संशोधन

वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि देश में नारियल की खेती से उत्पादन बढ़े और किसानों को सहूलियत दिया जा सके इसके लिए 1981 में नारियल बोर्ड एक्ट लाया गया था जिसमें सरकार संशोधन करने जा रही है। बोर्ड का अध्यक्ष गैर शासकीय व्यक्ति होगा। यह किसान वर्ग से होगा जिसे खेती बारी की जमीनी हकीकत पता हो। कृषि मंडियों को और संसाधन मिले इस दृष्टि से प्रयास किया जाएगा। यही नहीं अब कृषि अवसंरचना फंड का उपयोग APMC कर सकेंगी…

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