कोविड काल में देश के तकनीकी संस्‍थानों के योगदान को लेकर PM मोदी ने जमकर की तारीफ

प्रधानमंत्री ने आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी मुंबई, आईआईटी चेन्नई, आईआईटी कानपुर के बारे में ट्वीट किया।

delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के प्रतिष्ठित 100 से अधिक केंद्रीय वित्त पोषित तकनीकी संस्‍थानों के निदेशकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान उन्‍होंने कोरोना काल में दिए गए उनके योगदान और जरूरत के वक्‍त उपलब्‍ध कराई गई तकनीक की जमकर प्रशंसा की।

इसके पश्चात पीएम मोदी ने देश के प्रमुख विज्ञान व प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ अपनी बातचीत का विवरण अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से साझा किया। इन संस्थानों ने प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में प्रस्तुतियां दी थीं। प्रधानमंत्री ने आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी मुंबई, आईआईटी चेन्नई, आईआईटी कानपुर के बारे में ट्वीट किया।

ट्वीट की श्रृंखला में प्रधानमंत्री ने कहा…

अग्रणी आईआईटी और आईआईएससी बेंगलुरू के निदेशकों के साथ एक अच्छी बातचीत हुई, जिसके दौरान हमने भारत को अनुसंधान व विकास का केंद्र बनाने, नवाचार और युवाओं के बीच विज्ञान को लोकप्रिय बनाने सहित विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

आईआईएससी बेंगलुरू की टीम ने रोबोटिक्स, शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास जैसे कि गणित व विज्ञान के शिक्षकों को प्रशिक्षित करना और कोविड-19 कार्य जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रमुख अनुसंधान व विकास पहलों पर रोचक प्रस्तुति साझा की। उन्होंने आत्मानिर्भर भारत के दृष्टिकोण में स्वास्थ्य को महत्व देने की जरूरत पर जोर दिया।

मुझे नाइट्रोजन जनरेटर को ऑक्सीजन जनरेटर में बदलने, कैंसर के इलाज के लिए सेल थेरेपी और उनके अकादमिक नवाचारों जैसे; एलएएसई कार्यक्रम शुरू करना, डिजिटल हेल्थ में परास्नातक, एआई और डेटा साइंस के लिए प्रौद्योगिकी में आईआईटी मुंबई के व्यापक कार्यों के विवरण को जानकर खुशी हुई।

आईआईटी चेन्नई की टीम ने कोविड को कम करने के प्रयासों जैसे एक मॉड्यूलर अस्पताल की स्थापना, हॉटस्पॉट अनुमान, उनके बहु-विषयक अनुसंधान और प्रोग्रामिंग व डेटा साइंस में उनके ऑनलाइन बीएससी पाठ्यक्रम के बारे में बात की। वे पूरे भारत में बेहतर डिजिटल कवरेज पर भी काम कर रहे हैं।

यह देखकर गर्व हुआ कि आईआईटी कानपुर ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकियों में भविष्य के अनुसंधान व नवाचार, वायु गुणवत्ता की निगरानी इलेक्ट्रानिक फ्यूल इंजेक्शन्स और अन्य दूसरी चीजों के एक केंद्र बन गया है। स्टार्ट-अप्स को दी जा रही सहायता, पेशेवरों की कुशलता में बढ़ोतरी से भारत की युवा शक्ति को काफी फायदा होगा।

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