अलीगढ़ पहुंचे पीएम मोदी: 93 एकड़ पर बने राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी की रखी आधारशिला

अलीगढ़. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ पहले देश की घर और दुकानों की रक्षा करता था और लोग इसके तालों को लगाकर निश्चिंत हो जाते थे, लेकिन अब वही अलीगढ़ हिंदुस्तान की सीमाओं की सुरक्षा करेगा. लीगढ़ के लोढ़ा गांव स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज अलीगढ़ के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बहुत बड़ा दिन है. आज राधा अष्टमी भी है. यह अवसर और भी पुनीत बनाता है. ब्रज भूमि के कण-कण में रज-रज में राधा ही राधा है.

उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि मैं इस धरती के सपूत कल्याण सिंह की अनुपस्थिति बहुत ज्यादा महसूस कर रहा हूं. आज वे हमारे बीच होते तो वे डिफेंस कॉरिडोर और महाराजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी को देखकर खुश होते. हमारी आजादी के आंदोलन में ऐसे कितने ही महान व्यक्तित्व ने अपना सबकुछ खपा दिया, लेकिन ये देश का दुर्भाग्य रहा कि आजादी के ऐसे राष्ट्रनायक और राष्ट्रनायिकाओं से देश की पीढ़ियों को परिचित नहीं कराया गया. देश की कई पीढ़ियां वंचित रह गईं. उन्होंने कहा कि 20वीं सदी की उन गलतियों को 21वीं सदी का भारत सुधार रहा है. महाराजा सुहैल सिंह जी हों, छोटूराम जी हों या महाराजा महेंद्र प्रताप से नई पीढ़ी को परिचित करने का ईमानदार प्रयास हो रहा है.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का नाम बदलकर राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर रखने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पुरानी मांग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी और जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर एएमयू के बगल में बनने वाले एक नए विश्वविद्यालय की आधारशिला रखा. इसके साथ ही, पीएम मोदी अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर का उद्घाटन किया.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी मंगलवार को अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर स्थापित होने वाले विश्वविद्यालय की नींव रखेंगे. मीडिया की खबर के अनुसार, अलीगढ़ के लोढ़ा गांव स्थित कार्यक्रम स्थल पर सीएम योगी आदित्यनाथ और सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल मौजूद हैं. इस विश्वविद्यालय के निर्माण में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज के इस ऐतिहासिक आयोजन में इस मंडल और क्षेत्र को अपना मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए देश के लोकप्रिय और यशस्वी प्रधानमंत्री मौजूद हैं. आज राधाष्टमी है और यह ब्रज क्षेत्र के लिए विशिष्ट दिन है. इस पावन दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारा मार्गदर्शन करने के लिए स्वयं उपस्थित हैं.

उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त है, तब देश के जीवन और जीविका को बचाने के लिए गरीब कल्याण पैकेज के माध्यम से हर गरीब को योजनाओं से आच्छादित किया गया. भारत आत्मनिर्भर पैकेज के माध्यम से लोगों को सहयोग दिया गया. देश में 75 करोड़ लोगों को कोरोना का दोनों डोज उपलब्ध कराया गया. सदी की सबसे भयानक महामारी में प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश में सबसे बेहतरीन प्रबंधन किया गया.

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी. 2018 में उत्तर प्रदेश में पहले इन्वेस्टर्स सबमिट का उद्घाटन किया गया. इस दौरान प्रदेश में 3 लाख करोड़ का निवेश किया गया और लाखों बेरोजगारों को रोजगार दिया गया. उसी समय प्रधानमंत्री ने यूपी को रक्षा कॉरिडोर का तोहफा दिया था. डिफेंस कॉरिडोर के अलीगढ़ नोड के निर्माण की आज शुरुआत की गई.

राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के शिलान्यास स्थल पर पहुंचने के पहले प्रधानमंत्री मोदी ने यूपी डिफेंस इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के लिए अलीगढ़ में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया. इस मौके पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे.

पीएम मोदी की यात्रा के पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अलीगढ़ जाकर जिले के लोढ़ा इलाके में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया. सूबे के उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना करके प्रदेश सरकार उस महान हस्ती को श्रद्धांजलि दे रही है, जिसने भारत की आजादी की लड़ाई लड़ते हुए अपने जीवन के तीन दशक निर्वासित होकर बिताए.

उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बताया कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 1915 में काबुल में स्थापित भारत की पहली प्रोविजनल सरकार के राष्ट्रपति भी थे. उस सरकार का गठन विभिन्न अफगान कबीलों के प्रमुखों तथा जापान समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मदद से किया गया था. उन्होंने बताया कि आजादी के बाद भारत लौटने पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अनेक शिक्षण संस्थानों की स्थापना में अहम भूमिका निभाई.

शर्मा ने कहा कि अलीगढ़ के लोढ़ा गांव में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना का इस क्षेत्र के लोग व्यापक रूप से स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि इससे अलीगढ़ तथा आसपास के जिलों में उच्च शिक्षा को काफी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले चार सालों के दौरान प्रदेश में 11 नए राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना की है.

बता दें कि वर्ष 2014 में भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का नाम बदलकर राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर रखने की मांग की थी. उनकी दलील थी कि राजा ने एएमयू की स्थापना के लिए जमीन दान दी थी. यह मामला तब उठा था, जब एएमयू के तहत सिटी स्कूल की 1.2 हेक्टेयर जमीन की पट्टा अवधि समाप्त हो रही थी और राजा महेंद्र प्रताप सिंह के कानूनी वारिस इस पट्टे की अवधि का नवीनीकरण नहीं करना चाहते थे.

एएमयू के एक प्रवक्ता के अनुसार, हालांकि पिछले साल यह मुद्दा काफी हद तक सुलझ गया था, जब एएमयू के अधिकारियों ने सिटी स्कूल का नाम बदल कर राजा महेंद्र के नाम पर करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इस मामले में कुछ तकनीकी रुकावटों को दूर करने का काम अभी जारी है. मंगलवार को राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के मॉडल का भी अवलोकन करेंगे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में कहा था कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना इस क्षेत्र में एक विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की पुरानी मांग को पूरा करने के लिए की जा रही है और अलीगढ़ मंडल के सभी कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे. यह विश्वविद्यालय अलीगढ़ की कोल तहसील के लोढ़ा तथा मूसेपुर करीम जरौली गांव की 92 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में बनाया जाएगा. अलीगढ़ मंडल के 395 महाविद्यालयों को इससे संबंद्ध किया जाएगा.

राजा महेंद्र प्रताप सिंह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र थे और वह एक दिसंबर 1915 को काबुल में स्थापित भारत की पहली प्रोविजनल सरकार के राष्ट्रपति भी थे. मुरसान राज परिवार से संबंध रखने वाले राजा ने दिसंबर 1914 में सपरिवार अलीगढ़ छोड़ दिया था और करीब 33 वर्षों तक जर्मनी में निर्वासन में रहे. वह आजादी के बाद 1947 में भारत लौटे और 1957 में मथुरा लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जनसंघ के प्रत्याशी अटल बिहारी बाजपेयी को हराकर सांसद बने.

प्रख्यात इतिहासकार प्रोफेसर शान मोहम्मद ने बताया कि जाट बिरादरी के राजा महेंद्र प्रताप सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख हस्तियों में से थे और एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक भारत के प्रति उनकी संकल्पबद्धता ने उनका कद काफी बढ़ा दिया था. धर्मनिरपेक्षता के प्रति उनके संकल्प की तुलना महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू से की जाती है.

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