पीएम मोदी ने देश के सरपंचों के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात

E-GramSwaraj पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया

नई दिल्ली: आज शुक्रवार को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना के संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के सरपंचों के साथ संवाद किया.

इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान E-GramSwaraj पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया. इसके साथ ही स्वामित्व योजना भी लॉन्च किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के प्रयासों को गति मिलेगी.

प्रधानमंत्री द्वारा की गई प्रमुख बातें:

– साथियों ये कोरोना महामारी ने हम सबके काम के तरीके को बदल दिया है. आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये काम करना पड़ रहा है. आज लाखों सरपंच विडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जुड़े हुए हैं.

– हमें आत्मनिर्भर बनना ही पड़ेगा. बिना आतमनिर्भर बने ऐसे संकट को झेल पाना भी मुश्किल होगा. आज की परिस्थिति ने हमें याद दिलाया है कि आत्मनिर्भर बनो.

– कोरोना संकट ने अपना सबसे बड़ा संदेश, अपना सबसे बड़ा सबक हमें दिया है कि हमें आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा. गांव अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बने, जिला अपने स्तर पर, राज्य अपने स्तर पर, और इसी तरह पूरा देश कैसे आत्मनिर्भर बने, अब ये बहुत आवश्यक हो गया है.

– पंचायत की व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, लोकतंत्र भी उतना ही मजबूत होगा. एक दौर वो भी था जब देश की सौ से भी कम पंचायतें ब्रॉडबैंड से जुड़ी थीं. अब सवा लाख से ज्यादा पंचायतों तक ब्रॉडबैंड पहुंच चुका है. इतना ही नहीं, गांवों में कॉमन सर्विस सेंटरों की संख्या भी तीन लाख को पार कर रही है.

– शहरों और गांवों की दूरी को कम करने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किये गये हैं- ई-ग्राम स्वराज एप और स्वामित्व योजना. इस एप पर पंचायत के विकास कार्य की डिटेल, उसे लेकर फंड की डिटेल उपलब्ध रहेंगी. गांव का हर नागरिक अपने पंचायत में क्या चल रहा है, अपने फोन में जान पाएगा. इससे रिकॉर्ड रखने का काम भी आसान हो जाएगा.

– स्वामित्व योजना के तहत देश के सभी गांवों में ड्रोन के माध्यम से एक-एक संपति की मैपिंग की जाएगी. फिर उसका मालिकाना प्रमाणपत्र दिया जाएगा. इसके कई लाभ होंगे. प्रॉपर्टी को लेकर भ्रम की स्थिति दूर हो जाएगी. प्लानिंग में और ज्यादा मदद मिलेगी.

– साथियों जीवन की सच्ची शिक्षा की परीक्षा संकट के समय ही होती है. बहुत देख-रेख के माहौल में सच्ची शिक्षा, सामर्थ्य का पता नहीं चलता. इस कोरोना संकट में देश के गांवों में रहने वाले लोगों ने अपने संस्कारों-अपनी परंपराओं की शिक्षा के दर्शन कराए हैं.

– गांवों से जो अपडेट आ रहा है, वो बड़े-बड़े विद्वानों के लिए भी प्रेरणा देने वाला है. ये कार्य गांव वालों, आदिवासी भाई बहने, मां बहनों ने किया है. मैं हिंदुस्तान के हर गांववासियों को प्रणाम करता हूं. आपने सिंपल शब्दों में कह दिया दो गज दूरी, दो गज देह की दूरी का मंत्र दे दिया.

– आज दुनिया में चर्चा में हो रही है कि भारत ने कोरोना को कैसे जवाब दिया. भारत का नागरिक सीमित संसाधनों के बीच उससे टकरा रहा है, लोहा ले रहा है. संकल्प का सामर्थ्य दिखाते हुए, नई उर्जा के साथ देश को बचाने के नये तराके खोज रहे हैं.

– गांवो में जो हो रहा है, उसकी अलग अलग स्रोतों से निरंतर जानकारी ले रहा हूं. कोरोना के सुझावों को जानना चाहता हूं. खासकर शहर के लोग आपसे जानना चाहते हैं.

Tags
Back to top button