PM मोदी का आरोप : कांग्रेस ने नक्सलियों का मनोबल बढ़ाया

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के कोरबा और भाटापारा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नक्सलियों के बढ़ते मनोबल के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जनता से सवाल किया कि बताएं लैंडमाइंस चाहिए या पानी की पाइप लाइन।

दरअसल प्रधानमंत्री ने रणनीतिक तौर पर नक्सल मामले पर राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए विधायक भीमा मंडावी की हत्या का जिक्र किया। कहा कि हमला उस क्षेत्र में हुआ जहां हमारी सरकार ने नक्सलियों पर लगाम लगाई थी। उन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेताओं के नक्सलियों को क्रांतिकारी कहे जाने का जिक्र कर इस नक्सल हमले के लिए कांग्रेस को घेरने का पुख्ता आधार बनाया।

पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जो हो रहा है, उसका हुक्म दिल्ली से आ रहा है। इस चुनाव में अगर दिल्ली में इनकी(कांग्रेस) की सरकार बनेगी तो देश असुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पंजा सिर्फ नक्सलियों के साथ ही नहीं है बल्कि देश के टुकड़े-टुकडे करने वाले लोगों के साथ भी है। यहां के लाखों वीर जवान जम्मू-कश्मीर को आतंकियों से बचाने जुटे हैं, पर कांग्रेस का पंजा उनको भी कमजोर करना चाहता है। जवानों को जो सुरक्षा कवच मिला हुआ है, उसे कांग्रेस हटाना चाहती है।

मोदी ने दोनों सभाओं में भाषण पर महज 45 मिनट का समय लिया लेकिन लोकसभा चुनाव के दूसरे व तीसरे चरण की 10 सीटों को साधने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इससे पहले प्रधानमंत्री जब भुवनेश्वर से छत्तीसगढ़ के कोरबा की सभा के लिए उड़नखटोले से आसमान नाप रहे थे तो चिलचिलाती धूप में कोरबा का सभा स्थल भरने लगा था। दोपहर 1.45 बजे मोदी कोरबा की सभा में पहुंचे तो छत्तीसगढ़ी भाषा से संबोधन शुरू कर जनता को तुरंत खुद से जोड़ने का प्रयास किया।

इधर मोदी भाषण देते रहे और उधर सभा स्थल भरता चला गया। मोदी ने अधिकांश वही बातें फिर दोहराईं जो वह छत्तीसगढ़ में अपनी पूर्व सभाओं में बोलते रहे हैं। मसलन आयुष्मान योजना पर राज्य सरकार की घेराबंदी और किसानों को कर्जमाफी के मसले पर उनकी दुखती रग पर करीने से हाथ फेरना।

किसान सम्मान योजना के जरिये उन्होंने राज्य सरकार पर तीस लाख किसानों का हक मारने का आरोप चस्पा कर किसानों को साधने की कोशिश भी की। सीएम भूपेश का नाम लिए बगैर कहा कि यहां सरकार में जो जमानती लोग बैठे हैं, उन्हें लगता है कि चौकीदार की भेजी रकम का हिस्सा किसानों को मिल जाएगा, तो उनकी नैय्या डूब जाएगी।

साहू समाज को मोदी उपनाम से जोड़कर खेला भावनात्मक कार्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार छत्तीसगढ़ दौरे पर पूरा होमवर्क करके आए थे। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि -वे कहते हैं सभी मोदी चोर हैं। यहां के साहू समुदाय के लोग गुजरात में रहते हैं। उन्हें वहां मोदी कहा जाता है, तो क्या सारे के सारे लोग चोर हैं। साहू समाज को मोदी उपनाम से जोड़ने के पीछे पीएम का इरादा स्पष्ट रहा। वह जानते हैं कि राज्य की 22 विधानसभा सीटों पर साहू प्रभावी भूमिका में हैं।

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