गुजरात दौरे पर पीएम- देश के माहौल पर भावुक हुए मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात दौरे पर हैं. मोदी ने इस दौरान अहमदाबाद के साबरमती आश्रम का भी दौरा किया. पीएम ने वहां पर चरखा भी चलाया. पीएम मोदी ने देश भर में भीड़ के द्वारा हो रही हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया. पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के वर्तमान माहौल की ओर अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहता हूं और अपनी नाराजगी भी व्यक्त करता हूं.

जो देश चींटी को भी कुछ खिलाने पर विश्वास रखता है, जो देश गली में कुत्ते को भी कुछ खिलाने पर भी विश्ववास रखता है उस देश को क्या हो गया है कि अस्पताल में हम किसी मरीज को बचा ना पाएं. मोदी ने कहा कि इसके बाद अचानक परिवार वाले अस्पताल को जला दे, डॉक्टरों को मार दे ये गलत है.

मोदी ने कहा कि कहीं एक्सिडेंट होने पर भी लोग एक दूसरे को मारने पर उतारू हो जाते हैं. गाय की रक्षा, गौ की भक्ति महात्मा गांधी, विनोबा जी से बढ़कर कोई नहीं कर सकता है. देश को उसी रास्ते पर चलना होगा. मोदी ने कहा कि विनोबा जी ने जीवन भर गौ रक्षा के लिए काम करते रहे, मैं उनसे भी मिला भी था. पीएम मोदी बोले कि देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना ही होगा.

पीएम मोदी बोले कि गौ रक्षा के नाम पर किसी इंसान को मारना क्या सही है, क्या ये गौरक्षा है कि हमें उसके नाम पर इंसान को मारने का हक मिल जाए. ये गौरक्षा या गौ भक्ति नहीं है. हमें सोचना चाहिए कि हमें क्या हो रहा है, हम डॉक्टर को मार रहे हैं, लोगों को मार रहे हैं. गाय के नाम पर इंसान को मार रहा हैं.

साझा किये अपने अनुभव

पीएम मोदी ने कहा कि मैं एक ऐसी बात बताता हूं जो अभी तक कहीं नहीं बताई, जब मैं छोटा था तब वहां पर हमारे घर के पास एक परिवार रहता था, उस परिवार में कोई संतान नहीं थी, जिसके कारण काफी तनाव रहता था. लेकिन काफी उम्र के बाद एक संतान का जन्म हुआ. मोदी बोले कि उस समय एक गाय वहां पर आती थी, और रोजाना कुछ खाकर जाती थी. मोदी ने कहा कि एक बार वहां मौत हो गई और गाय को कुछ खिला नहीं पाए. तब वो बच्चा एक बार गाय के पैर के नीचे आ गया था, और उसकी मौत हो गई.

मोदी ने कहा कि दूसरे दिन सुबह ही वो गाय उनके घर के सामने खड़ी हो गई, उसने किसी के घर के सामने रोटी नहीं खाई, उस परिवार से भी रोटी नहीं खाई. उस समय गाय के आंसू लगातार बह रहे थे, उस गाय ने कई दिनों तक कुछ नहीं खा-पी सकी थी. पूरे मोहल्ले के लोगों ने काफी कोशिश की पर गाय ने कुछ नहीं खाया, और बाद में उस गाय ने अपना शरीर त्याग दिया. एक बालक की मृत्यु की पश्चाताप में उस गाय ने ऐसा किया. लेकिन आज लोग गाय के नाम पर ही किसी की हत्या की जा रही है, किसी को कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं है.

चंपारण सत्याग्रह के 100वें साल का जश्न मना रहे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबरमती आश्रम में संबोधन भी किया. मोदी बोले कि श्रीराजचंद्र जी के जीवन के बारे में लोगों को जानना चाहिए. महात्मा गांधी के विचारों से जो शक्ति मिलती है, उससे आज के समाज को लड़ने की शक्ति मिलती है. मोदी ने कहा कि हम लोग चंपारण सत्याग्रह के 100वें साल का जश्न मना रहे हैं.
श्रीमद् राजचंद्र जी ने अपने जीवन में काफी कुछ गंवाया था. भारत के बाद गांधी जी के नाम पर सबसे ज्यादा सड़कें नीदरलैंड्स में हैं. दुनिया का कोई व्यक्तित्व गांधीजी को प्रभावित नहीं कर पाया, बड़ी-बड़ी हस्तियां उनसे मिलने आती थी. महापुरुषों को याद रखना जरुरी है.
मोदी बोले कि 2019 तक स्वच्छता सभी लोगों के जीवन का हिस्सा बननी चाहिए. इतिहास भूलाने की बड़ी भूल चुकानी पड़ती है. उन्होंने कहा कि मैं राजनीति में काफी देरी से आया. मोदी ने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि कोई पद पर बैठूंगा.

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