पीएनबी फ्रॉड : हनी ट्रैप के लोभ में फंसे बैंकरों ने ऐसे लुटायी दौलत

जब नोटों की गड्डियों के साथ हुस्न का जलवा सिर चढ़ कर बोलने लगता है तो पीएनबी जैसे हजारों करोड़ के घोटाले होते हैं. जांच करनेवाली एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार 11400 करोड़ के पीएनबी फ्रॉड मामले में बैंक के अधिकारियों को फांसने के लिए हनीट्रैप का इस्तेमाल भी किया गया

नयी दिल्ली: जब नोटों की गड्डियों के साथ हुस्न का जलवा सिर चढ़ कर बोलने लगता है तो पीएनबी जैसे हजारों करोड़ के घोटाले होते हैं. जांच करनेवाली एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार 11400 करोड़ के पीएनबी फ्रॉड मामले में बैंक के अधिकारियों को फांसने के लिए हनीट्रैप का इस्तेमाल भी किया गया.

सैकड़ों करोड़ की रिश्वत के अलावा मॉडलों और सुंदरियों की भी मदद ली गयी. यहां तक कि बैंकों के पासवर्ड तक नीरव मोदी ने हासिल कर लिये थे.

मिली जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी नीरव मोदी की पत्नी अमी मोदी ने पीएनबी के अधिकारियों को हनी ट्रैप के जरिए फंसाया. जांच एजेंसियों ने आशंका जताई है कि घोटाले में मददगार अफसरों के ट्रांसफर रुकवाने को सीनियर अफसरों को सुंदरी लड़कियों की आपूर्ति भी की गयी. इसके लिए तीन मॉडलों की सेवाएं ली गयी है.

लेटर ऑफ अंडरटेकिंग की राशि के आधार पर कमीशन

पीएनबी फ्रॉड केस में शनिवार को गिरफ्तार नीरव मोदी के मददगारों से पूछताछ में सीबीआई को कई जानकारियां हाथ लगीं. जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, रिटायर्ड डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने बताया कि हर लेटर ऑफ अंडरटेकिंग LoU जारी करने के लिए नीरव और मेहुल चोकसी की कंपनियों से रिश्वत के रूप में कमीशन दिया गया.

यह कमीशन कई बार हीरों और कीमती जूलरी के रूप में भी था. जारी होने वाले LoU के अमाउंट के आधार पर कमिशन फिक्स्ड होता था. कमीशन की इस रकम को पूरी प्रक्रिया में शामिल पीएनबी के कर्मचारियों में बराबर बांटा जाता था.

बैंकों के पासवर्ड भी था हासिल

पूछताछ में पता चला है कि स्विफ्ट प्रोसेस को शेट्टी के साथ कुछ और अफसरों ने भी इस्तेमाल किया. शेट्टी ने इसके लिए जरूरी लेवल-5 पासवर्ड को नीरव के कर्मचारियों से भी शेयर किया था. शेट्टी ने कुछ और बैंक अधिकारियों के शामिल होने की बात कबूली. सीबीआई के रेडार पर पीएनबी के 6 और कर्मचारी हैं. वहीं, इस एजेंसी ने रविवार रात ब्रैडी हाउस ब्रांच भी खंगाली.

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पीएनबी का बकाया 23 फीसदी बढ़ा

घोटाले में फंसे पीएनबी में जानबूझकर कर्ज न लौटाने वाले विलफुल डिफॉल्टर्स के बकाये में 23 प्रतिशत की बढ़त हुई है. जनवरी को खत्म आठ महीने में बैंक के 25 लाख या इससे ऊपर के कर्ज नहीं लौटाने वालों पर कुल बकाया 14,593.16 करोड़ रुपये था.

बैंक ने जून 2017 से ऐसा आंकड़ा देना शुरू किया है. उस समय कुल बकाया 11,879.74 करोड़ रुपये था. इन कर्जदारों में फॉरएवर प्रीसियस जूलर ऐंड डायमंड, किंगफिशर एयरलाइंस, जूम डेवलपर्स भी हैं.

विदेशी ब्रांचों के अधिकारी जांच के घेरे में

शेट्टी की ओर से जारी एलओयू को जिन विदेशी ब्रांचों में कैश कराया गया, वहां के अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं. इनमें इलाहाबाद बैंक, SBI, यूनियन, यूको और एक्सिस बैंक के हांगकांग स्थित ब्रांचों में सात साल से सेवारत अफसर हैं.

सामान्यतया एलओयू 90 दिन के लिए जारी होते हैं, लेकिन नीरव, मेहुल से जुड़ी कंपनियों के लिए ये LoU 365 दिनों के लिए जारी किए गए. फिर भी विदेशी ब्रांचों ने इस पर कोई हलचल नहीं दिखाई, जो संदेह पैदा करता है. अगर ये चिंता दिखाते, तो नुकसान कम होता.

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