PNB घोटाला: नीरव मोदी पर कसा शिकंजा, घर पर छापा और 2 CFO से पूछताछ

सीबीआई ने नीरव मोदी की कंपनी के दूसरे चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) रवि गुप्ता को पूछताछ के लिए समन किया है. इससे पहले कल कंपनी के एक और CFO विपुल अंबानी से सीबीआई ने पूछताछ की.

नई दिल्ली: पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी पर शिकंजा कसता जा रहा है. नीरव मोदी के मुंबई स्थित घर पर प्रवर्तन निदेशालय छापेमारी कर रही है. वहीं नीरव मोदी के सूरत के 3 और दिल्ली के एक ठिकाने पर भी छापेमारी हो रही है. वहीं केन्‍द्र सर्तकता आयोग ने पीएनबी के अधिकारियों को समन कर पूछताछ के लिए बुलाया था जो अब खत्‍म हो चुकी है.

[responsivevoice_button voice=”Hindi Female” buttontext=”अगर आप पढ़ना नहीं चाहते तो क्लिक करे और सुने”]

इस बीच सीबीआई ने नीरव मोदी की कंपनी के दूसरे चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) रवि गुप्ता को पूछताछ के लिए समन किया है. इससे पहले कल कंपनी के एक और CFO विपुल अंबानी से सीबीआई ने पूछताछ की.

सीबीआई ने विपुल अंबानी को ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ तलब किया था. उनसे सोमवार को भी पूछताछ हो रही है. रविवार को क़रीब 5 घंटे तक पूछताछ हुई थी. विपुल अंबानी पिछले तीन-चार वर्षो से इस पद पर है. समझा जाता है कि वह दिवंगत धीरूभाई अंबानी के रिश्तेदार हैं.

सीबीआई ने रविवार को अरबपति आभूषण कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से जुड़ी हजारों करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी के केंद्र में रही पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की ब्रैडी रोड शाखा में सघन तलाशी ली थी जिसके बाद सोमवार को यह ब्रांच सील कर दी गई्.

बैंक की शाखा सील करने के बाद यहां का सभी कामकाज ठप पड़ गया है और कई कर्मचारियों को बैंक की शाखा के बाहर अपने बॉस के अगले आदेश का इंतजार करते भी देखा गया. यह कार्यवाही सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा घोटाले में आरोपी बैंक के दो पूर्व कर्मचारियों सहित तीन आरोपियों की पुलिस हिरासत तीन मार्च तक बढ़ाने के फैसले के दो दिन बाद हुई है.

इन आरोपियों में पीएनबी के सेवानिवृत्त उपप्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी, सिंगल विंडो ऑपरेटर मनोज खराट और घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हेमंत भटट् हैं.

इस मामले में सीबीआई ने मुंबई और रायगढ़ के अलग-अलग इलाकों से इन तीनों को सबसे पहले गिरफ्तार किया था. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस संबंध में अन्य गिरफ्तारियां जल्द ही हो सकती हैं.

इसके अलावा घोटाले में सीबीआई ने पहले 10 अन्य निदेशकों और अधिकारियों को भी आरोपियों के तौर पर नामित किया था. इनके नाम – कृष्णन संगमेश्वरन, नजुरा यशजैने, गोपाल दास भाटिया, अनियाथ शिवरमण, धनेश व्रजलाल सेठ, ज्योति भारत वोरा, अनिल उमेश हल्दीपुर, चंद्रकांत कानू करकरे, पंखुड़ी अभिजीत वरांगे और मिहीर भास्कर जोशी हैं.

इस घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और उनके सहयोगी जनवरी के शुरुआत में ही देश छोड़कर फरार हो गए थे.

Back to top button