कवि राजेश जैन राही की नव काव्य कृति `शब्द देना शारदे मां’ का विमोचन

रायपुर।

लोकप्रिय कवि राजेश जैन राही की नव काव्य कृति शब्द देना शारदे माँ का विमोचन दिनांक 21 अक्टूबर रविवार स्थानीय वृंदावन सभागार में विश्व हिन्दू परिषद के अंतराष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रमेश मोदी एवं अन्य अतिथियों सर्वश्री डाॅ जवाहर सूरीशेट्टी, डाॅ सुरेन्द्र अहलुवालिया, नर्मदा प्रसाद मिश्र, चितरंजन कर के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। प्रस्तुत कृति लोकप्रिय कति राजेश जैन राही की तृतीय काव्यकृति है। इससे पूर्व पिता पर 365 दोहों का संग्रह एवं विविध विषयों पर दोहा संग्रह का प्रकाशन हो चुका है। प्रस्तुत कृति में कवि श्री राजेश जैन राही द्वारा लिखित इक्यासी घनाक्षरी छंद हैं।

कृति पर अपने विचार रखते हुए मुख्य अतिथि श्री मान. श्री रमेश मोदी जी ने कृति को कवि राजेश जैन राही की काव्य साधना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। घनाक्षरी छंद हिंदी साहित्य का प्राचीन छंद है, जिस पर कवि ने बेहद सफलता के साथ सृजन किया है। देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत विविध छंद बेहद मनोहारी है। यथा –

भारती की वंदना के गीत मैं लिखूंगा सदा।
लेखनी से समझौता कर नहीं सकता।।
गढ़ नहीं सकता मैं भेदभाव की दीवार।
मरने से पहले मैं मर नहीं सकता।।

कृति पर परिचर्चा करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार भाषाविद डाॅ. चितरंजन कर ने कृति की प्रशंसा की और कहा – सैनिक, किसान, मजदूर, बेटी, वर्तमान राजनीति, युवा वर्ग प्रायः सभी विषयों को समेटते हुए कवि ने सार्थक संदेश देने का सफल प्रयास किया है।

नर्मदा प्रसाद मिश्र ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा – लुप्त होते हुए छंदों पर कवि राही का यह उत्कृष्ट सृजन है। मंचों पर ये छंद खूब पढ़े जाते हैं, मगर इन छंदों पर पुस्तक का प्रकाशन कम हुआ है। राही जी का यह प्रयास बेहद सफल है।

Back to top button