कांग्रेस भवन के अंदर घुसी पुलिस बल, कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारा

मनमोहन पात्रे :

बिलासपुर: बिलासपुर में कांग्रसियों पर हुई लाठी चार्ज का मामला अबतक शांत नहीं हुआ हैं। इस प्रकरण में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने एडीएम कोर्ट के सामने अपनी गवाही दी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन में 50 कार्यकर्ता व पदाधिकारी बैठे थे। उसी वक्त एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस जवान आए और कांग्रेस भवन को घेर लिया।

एडिशनल एसपी चंद्राकर ने मेरे सिर पर पहली लाठी मारी इसके बाद पुलिस वाले कांग्रेस भवन में घुसकर कांग्रेसियों को दौड़ा-दौड़ा कर मारने लगे और गालियां भी दी। एडिशनल कलेक्टर बीएफ उइके के कोर्ट में लाठीचार्ज की घटना की गवाही शुरू हुई।

पहली गवाही महामंत्री श्रीवास्तव की हुई एडीएम उइके ने घटना के संबंध में सिलसिलेवार जानकारी मांगी इस पर पीसीसी महामंत्री ने बताया कि तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल द्वारा कांग्रेसियों को कचरा कहने के कारण शहर कांग्रेस कमेटी के बैनर तले मंत्री बंगले का घेराव करने का निर्णय लिया इस संबंध में जिला प्रशासन को भी जानकारी दी गई थी।

चंद्राकर के इशारे पर लाठी से लैस जवानों ने मुझे घेर लिया चंद्राकर ने मेरे सिर पर लाठी मारी मैं गिर गया जमीन पर गिरते ही हर नारायण पाठक ने लाठी मारी इसके बाद पुलिस के जवान कांग्रेस भवन में घुस गए और कांग्रेसियों को दौड़ा दौड़ा कर लाठियों से पीटा और पाठक को अच्छी तरह जानते हैं।

संदीप बाजपाई ने कोर्ट के सामने बताया कि पुलिस ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जानवरों की तरह पीटा सिर से लेकर पैर तक लौट लाठियां बरसाई पुलिस का रवैया देख कर लगता था कि वह लोग बदले की भावना से काम कर रहे हैं।

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