छत्तीसगढ़

पुलिस की नौकरी सिर्फ आजीविका का साधन नहीं बल्कि एक जज्बा : रमन

रायपुर : शनिवार सुबह राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में राज्य पुलिस के जवानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा नक्सल प्रभावित इलाकों में कार्यरत सहायक आरक्षकों को नियमित पुलिस आरक्षक भर्ती में पन्द्रह प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। वर्तमान सहायक आरक्षकों में से बीस प्रतिशत को वरिष्ठ अथवा उच्चतर वेतनमान भी दिया जाएगा। इससे उन्हें हर महीने 2500 रुपए ज्यादा मिलेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा पुलिस आरक्षकों (कांस्टेबलों) की भर्ती में बस्तर अंचल के युवाओं शारीरिक मापदंड विशेष छूट दी जाएगी, जिसका लाभ वर्तमान सहायक आरक्षकों को भी मिलेगा और वे भी भर्ती प्रक्रिया में क्वालीफाई कर सकेंगे। उन्होंने नगर सैनिकों (होमगार्डों) के वर्तमान मासिक मानदेय को 10 हजार रुपए से बढाकर 13200 हजार रुपए करने का भी ऐलान किया। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की सभी बटालियनों में सेवाएं दे रहे छत्तीसगढ़ के पुलिस कर्मियों के परिवारों को जिन्हें वर्तमान में सरकारी मकानों की सुविधा नहीं मिल रही है, उन्हें गृहभाड़ा भत्ता भी दिया जाएगा। चाहे वे राज्य के भीतर सेवा दे रहे हों या भारत के किसी भी राज्य में।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस का कार्यक्रम छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी बटालियन के माना स्थित परिसर में हुआ। लद्दाख में 21 अक्टूबर 1959 को चीनी फौज के साथ मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षाबलों के वीर जवानों की शहादत की याद में देश में हर साल राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को माना में कार्यक्रम में परेड की सलामी ली। उन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों के बलिदानों को याद किया और पुष्प-चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के 23 शहीद जवानों को भी श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की। डॉ. सिंह के साथ गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, गृहविभाग के प्रमुख सचिव बीव्हीआर सुब्रमण्यम, पुलिस महानिदेशक एएन उपाध्याय और राज्य पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। छत्तीसगढ़ पुलिस के इस वर्ष शहीद हुए 23 जवानों की नामावली भी बटालियन परिसर स्थित शहीद स्मारक में रखी गई। उन्होंने चौथी बटालियन के नजदीक ऊर्जापार्क स्थित शहीद वाटिका में भी शहीदों को सलामी के साथ श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने चौथी बटालियन परिसर में हुए कार्यक्रम में कहा राज्य और देश में शान्ति और क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी पुलिस बल पर है। वे पूरी ईमानदारी और पूरी निष्ठा और मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। डॉ. सिंह ने इसमें समाज के सहयोग की जरूरत पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चार बटालियनों में 5800 जवानों की भर्ती कर रही है अब तक 2800 भर्तियां हो चुकी हैं। इन बटालियनों के बारह सौ जवानों को प्रमोशन भी दिया जा रहा है। बस्तर के विकास के लिए भारत सरकार से सात सौ करोड़ रुपए का विशेष पैकेज जल्द मिलने वाला है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, बस्तर संभाग में पचास नए थाना भवन जल्द बनवाए जाएंगे। बस्तर को वर्ष 2020 तक नक्सल मुक्त करने का संकल्प भी दोहराया। डॉ सिंह ने कहा राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मैं उन अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं, जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान किया है। पुलिस की नौकरी सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि एक जज्बा है। पुलिस बल में शामिल लोग असाधारण और असामान्य जीवन जीते हुए चौबीसों घंटे जनता की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। वे जब अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का पालन करते हैं तभी हम अपने घरों में सुरक्षित रह पाते हैं। पुलिस-परिवारजनों की सुविधाओं और सुरक्षा का ध्यान रखना भी व्यापक समाज की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार ने पुलिस बल को सुरक्षा, सम्मान और सुविधाएं देने के लिए कई कदम उठाएं हैं। राज्य गठन के बाद पुलिस बल की संख्या तीन गुनी से ज्यादा कर दी गई है। बड़े पैमाने पर उनके लिए आवास निर्माण किया जा रहा है। ताकि वे पदस्थापना के स्थानों पर सुविधाजनक रूप से रहते हुए अपने परिवार के साथ अच्छा समय बीता सके।
मुख्यमंत्री ने कहा एक मनुष्य को सबसे ज्यादा प्रेम अपनी मातृभूमि से करना चाहिए। ये अनमोल वचन हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है और मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व की अनुभूति है कि इन वचनों को अपने जीवन में अक्षरश: उतारने का काम हमारी सेना, पुलिस और विभिन्न सुरक्षाबलों के जवानों करते हैं। हमारे जवानों की वीरता की गाथाओं से हमारे इतिहास के कई पन्ने सजे हुए हैं। उनमें से एक पन्ना आज ही के दिन 21 अक्टूबर 1959 को लिखा गया था, जब लद्दाख में चीनी फौज के साथ हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के वीर जवानों ने शहादत दी थी। उनकी स्मृति में हर साल राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दौरान गृहमंत्री रामसेवक पैकरा और पुलिस महानिदेशक एएन उपाध्याय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (नक्सल ऑपरेशन) डीएम अवस्थी, होमगार्ड के महानिदेशक गिरधारी नायक, संचालक लोक अभियोजन एमडब्ल्यू अंसारी, गृह विभाग के सचिव अरूण देव गौतम, एडीजी आरके विज, संजय पिल्ले और टीजे लांगकुमेर और अशोक जुनेजा सहित अन्य अनेक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।

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