34 संदिग्ध उग्रवादियों और अपराधियों को पुलिस ने मार दी गोली

नशीली दवाओं की तस्करी को लेकर 1,800 लोग गिरफ्तार

मोरीगांव:नई सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले दो महीनों में 34 लोगों में से 19 को गोली मारकर घायल कर दिया गया और 15 की मौत हो गई. इसमें दिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी, यूनाइटेड पीपुल्स रिवोल्यूशनरी फ्रंट और नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के 10 आतंकवादी शामिल हैं.

मोरीगांव में पुलिस ने हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान शुक्रवार को एक और कथित ड्रग तस्कर को गोली मारकर घायल कर दिया. हालांकि, इस तरह की मुठभेड़ों की बढ़ती संख्या को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्त्व वाली सरकार आने के बाद से असम पुलिस “क्रूर” हो गई है.

शुक्रवार की शूटिंग की घटना के साथ, बलात्कार, हत्या, नशीली दवाओं की तस्करी, मवेशी तस्करी और डकैती सहित विभिन्न मामलों में आरोपी 34 लोगों को पुलिस ने अलग-अलग परिणामों के साथ, हिरासत से भागने की कोशिश करते हुए गोली मार दी.

नशीली दवाओं की तस्करी को लेकर 1,800 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के सिलसिले में लगभग 1,800 लोगों को गिरफ्तार भी किया है. पुलिस ने कार्बी आंगलोंग में दो बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जहां पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 19 करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद हुए हैं. मणिपुर के दो ड्रग तस्करों और तमिलनाडु की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया.

राज्य में पशु तस्करी के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति

इसके अलावा, सरकार राज्य में पशु तस्करी के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति का पालन कर रही है, पुलिस को पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरी छूट दी गई है. मई से अब तक मवेशी तस्करी के सिलसिले में 504 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से चार को भागने की कोशिश में गोली लगी थी. अधिकांश गिरफ्तारियां पश्चिमी असम में अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में की गईं, जिसमें धुबरी भी शामिल है, जिसकी सीमा बांग्लादेश से लगती है.

राज्य सरकार ने 12 जुलाई को असम विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के दौरान असम मवेशी संरक्षण विधेयक पेश किया था. कांग्रेस और कई अन्य संगठनों सहित विपक्षी दलों ने “मुठभेड़ों” को लेकर सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि यह एक खतरनाक भविष्य का संकेत देता है.

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