आदिवासियों को खदेड़ने गई पुलिस टीम पर भाला और कुल्हाड़ी से हमला

15 लोग घायल हो गए. 3 घायलों की हालत गंभीर

अमरावतीः अमरावती में टाईगर रिजर्व बनने के बाद घने जंगल में बसे 8 से 10 आदिवासी गांवों का पुनर्वास किया गया था. 2002 से यह पुनर्वास किया जा रहा है. लेकिन जब पुलिस टीम को आदिवासियों का महाराष्ट्र के फिसरे जंगल में लौटेने की जानकारी मिली.

तब आदिवासियों को खदेडने गई पुलिस टीम पर असीया आदिवासियों ने पुलिस पर भाला और कुल्हाडी से हमला किया. असीया से आदिवासियोंने वन्यकर्मी और पुलिसवालों पर हमला किया. जिसमे 15 लोग घायल हो गए. 3 घायलों की हालत गंभीर है. इस दौरान 15 गाडियों में तोडफोड की गई है. अब इस इलाके में धारा 144 लगाई गई है.

अमरावती के टायगर रिजर्व में यह आदिवासी मूल ठिकानों पर वापस लौट आए थे. नॉमिनेटेड टायगर रिजर्व में रहना जानलेवा है और वन्यजीव कानून के तहत भी उसे गैरकानूनी माना जा रहा है. अकोला जिले के खोपट इलाके में इन आदिवासियों का पुनर्वास किया गया. यह इलाका शहर के पास है.

जिससे आदिवासियों की पूरी जीवनशैली ही बदल गई. आदिवासियों के पास न तो जमीन थी न ही कमाने का और कोई जरिया. ऐसे में उन्होंने कुछ साल तो निकाल लिए लेकिन शहरों की चकाचौंध, महंगाई और जीवनशैली उन्हें रास नहीं आई.

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