10 साल से शातिर चोर चढ़ा पुलिस के हत्थे

कई राज खुलने की आशंका है.

मुंबई : 10 सालों से पुलिस को अपने पीछे भागने वाला शातिर मोबाइल चोर मुनिक कपाड़िया आखिकार पुलिस के हत्थे चढ़ा है. जिससे कई राज खुलने की आशंका है.

जीआरपी की क्राइम ब्रांच यूनिट ने उसे धर दबोचा। जीआरपी ने उसके पास से 4 मोबाइल फोन भी बरामद किए। पुलिस को भरोसा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद चोरी के कम से कम 20 मामले सुलझाए जा सकेंगे।

आरोपी की पहचान मुनिक कपाड़िया के रूप में हुई है। जीआरपी के एक अधिकारी ने बताया कि भीड़-भाड़ के वक्त वह फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट में घुस जाता था और उसमें सफर कर रहे लोगों को निशाना बनाता था। वह अच्छे से तैयार होकर जाता था ताकि किसी को शक न हो। उन्होंने बताया कि वह एक बार में कम से कम 10 फोन चुराता था।

चलाता था गिरोह

जांच अधिकारियों ने बताया कि वह मोबाइल चोरों का एक गैंग चलाता था जो रेलवे स्टेशनों पर ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जिन्हें उन पर शक न हो। जीआरपी इस गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार कर चुकी है।

क्राइम ब्रांच के सीनियर इन-चार्ज संतोष धनावटे ने बताया कि कपाड़िया का गैंग काफी ऐक्टिव है और इसने काफी समस्या खड़ी कर रखी है। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इसके दूसरे सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

नेपाल में बेचता था फोन

एक अधिकारी ने बताया कि कपाड़िया गैंग फोन चोरी करके नेपाल भेज देता था, जहां उन्हें ब्लैक मार्केट में ज्यादा कीमत मिल जाती थी। ठाणे क्राइम ब्रांच ने कपाड़िया को कुर्ला जीआरपी को सौंप दिया है जो अपने डेटाबेस में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच करेगी।

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