छत्तीसगढ़

नीतियाँ, कौशल उन्नयन तथा आपदा में अवसर तलाशने की मानसिकता जरूरी

साई बाबा महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन

रायपुर : कोविड-19 में अर्थव्यवस्था के सभी पक्षों को प्रभावित किया है। वैश्विक बाजार की गतिविधियां हो अथवा भारतीय अर्थव्यवस्था कोई भी इससे अछूता नहीं है। सही नीतियां, कौशल उन्नयन तथा आपदा में ही अवसर तलाशने की मानसिकता से सभी आर्थिक क्षेत्रों को नवजीवन दिया जा सकता है।

उक्त निष्कर्ष, श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अंबिकापुर के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय द्वारा ‘‘ इम्पैक्ट आफ कोविड-19 पैन्डेमिक आॅन ग्लोबल मार्केट एण्ड इंडियन इकोनाॅमी‘‘ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार में निकल कर सामने आए। सरस्वती वंदना के पश्चात विषय प्रवर्तन करते हुए प्राचार्य डाॅ. राजेश श्रीवास्तव ने विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों एवं विश्व बाजार की स्थिति की समीक्षात्मक व्याख्या करते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया।

उन्होंने बताया कि इस वेबीनार में 700 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। वेबीनार के प्रथम दिवस संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े सुरक्षा परामर्शदाता डाॅ. वेंकटचारी श्री रामोजू ने कहा कि कोरोना एक वैश्विक महामारी है तथा पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव पड़ है। उन्होंने इस समय को उद्योगों पर प्रभाव एवं उनकी समस्या की चर्चा करते हुए समाधान के उपाय भी सुझाए।

स्वामी स्वरूपानंद महाविद्यालय भिलाई की प्राचार्य डाॅ. हंसा शुक्ला ने कोविड 19 के कारण होने वाली हानि तथा परिस्थितिजन्य लाभ दोनो ही पक्षों का समालोचनात्मक विवरण प्रस्तुत किया।

जे.वाय. महाविद्यालय रायपुर के प्राध्यापक डाॅ. तपेश चंद्र गुप्ता ने

द्वितीय दिवस जे.वाय. महाविद्यालय रायपुर के प्राध्यापक डाॅ. तपेश चंद्र गुप्ता ने विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बेरोजगारी, शिक्षा क्षेत्र, ग्रामीण रोजगार, कृषि अर्थव्यवस्था इत्यादि की विस्तृत विवेचना की। उन्होने अपने शोध के आधार पर बताया कि कोरोना से शिक्षित वर्ग ज्यादा प्रभावी हो रहा है,

पुत्रा इंटरनेशनल काॅलेज, मलेशिया के प्रोफेसर डाॅ. कोसगा यगप्पराज ने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार एवं उपाधि से ज्यादा आवश्यक कौशल एवं ज्ञान पर जोर देना है। समन्वयात्मक शोध के आधार पर किसी भी समस्या से निजात पाई जा सकती है। कन्या महाविद्यालय, रायपुर की सहायक प्राध्यापक डाॅ. रितु मारवाह ने छत्तीसगढ़ राज्य तथा विश्व की तुलना करते हुए विभिन्न आर्थिक क्षेत्र, आर्थिक गतिविधियों तथा कोविड-19 के प्रभावों से निपटने में अवसर तथा विकल्पों की चर्चा की।

दो दिवसीय वेबीनार का संयोजन एवं संचालन वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के विभागाध्यक्ष डाॅ. सुमित कुमार डे ने किया। सभी अतिथियों का परिचय समन्वयक डाॅ. विनोद कुमार साहू ने दिया। सारांश वक्तव्य आयोजन सचिव राकेश कुमार सेन तथा आभार ज्ञापन आयोजन सचिव डाॅ. जसप्रीत कौर द्वारा किया गया। तकनीकी व्यवस्थापन डाॅ. रितेश वर्मा एवं डाॅ. श्रीराम बघेल ने किया। आयोजन में वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापक  ज्योति सिन्हा की सक्रिय भूमिका रही।

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