नीति आयोग ने की राजनांदगांव जिले की कार्ययोजना की प्रशंसा

कांकेर और राजनांदगांव जिले की कार्ययोजना नीति आयोग द्वारा विकास के लिए चिन्हांकित 101 जिलों में सबसे अच्छी

राजनांदगांव : नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला में देश भर में विकास के लिए चिन्हांकित एलडब्ल्यूई प्रभावित 101 जिलों की समीक्षा की गई। समीक्षा का आधार जिला प्रशासन द्वारा जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वित्तीय समावेशन तथा आधारिक संरचना के विकास के लिए बनाई गई कार्ययोजना तथा नवाचार थे। समीक्षा में देश भर में कांकेर और राजनांदगांव जिले की कार्ययोजना सबसे बेहतर पाई गई।

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि राजनांदगांव जिले की कार्ययोजना में लक्ष्य को प्राप्त करने बनाई गई रणनीति के पाँच प्रमुख बिन्दु शामिल किए गए, इसे पूरा करने लगने वाले वित्तीय संसाधनों का आकलन एवं इसे बेहतर तरीके से पूरा करने नवाचारी प्रयोग भी शामिल किए गए हैं जिनकी वजह से कार्ययोजना व्यावहारिक है और इस पर पूरी तौर पर अमल किए जाने से लक्ष्यों को प्राप्त करना सहज होगा।

जिले में चल रहे दो नवाचारों की विशेष तौर पर नीति आयोग ने प्रशंसा की। इसमें हमर स्वास्थ्य एप तथा संवरता बचपन शामिल है। हमर स्वास्थ्य एप के माध्यम से जिले में नागरिकों के हेल्थ चेकअप के पश्चात उन्हें हेल्थ कार्ड दिया जा रहा है तथा उनकी हेल्थ हिस्ट्री हेल्थ एप में रिकार्ड की जा रही है। हेल्थ चेकअप के लिए शिविर सभी ग्राम पंचायतों में लगाए जा रहे हैं। हेल्थ कार्ड के रंग के माध्यम से ही मेडिकल हिस्ट्री की आरंभिक समझ हासिल हो जाती है।

मसलन अगर हेल्थ कार्ड का रंग लाल है तो मरीज को गंभीर बीमारी है। यदि रंग नीला है तो कुपोषण का प्रतीक है और पीले रंग का कार्ड माइनर सर्जरी की जरूरत बताता है। इसके अलावा हमर स्वास्थ्य एप में केवल ग्रामीण का नाम और गाँव का नाम डाल देने से मेडिकल हिस्ट्री का पता डॉक्टर लगा सकते हैं जिनसे उनके लिए इलाज सहज हो जाता है। संवरता बचपन में कुपोषित बच्चों के पोषण आहार की जिम्मेदारी लेने के लिए नागरिक समूहों की भागीदारी आमंत्रित की गई है इस तरह कुपोषण मुक्ति से जनभागीदारी को जोड़कर इसे बड़े आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया गया जिसकी प्रशंसा नीति आयोग ने की।

कलेक्टर ने बताया डैशबोर्ड से होगी रियल टाइम मानीटरिंग –

इस संबंध में सीएम फैलो प्रियंका सेठी ने अधिकारियों को बताया कि नीति आयोग द्वारा डैश बोर्ड बनाया गया है जिसमें 81 सूचकांक रखे गए हैं जिनके अनुसार सूचकांकों की रियल टाइम मानीटरिंग होगी। कलेक्टर भीम सिंह ने इस संबंध में समीक्षा बैठक में कहा कि डैशबोर्ड के माध्यम से नीति आयोग नियमित अंतराल में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगा। इसके लिए नीति आयोग द्वारा नियुक्त की गई एजेंसी मौके पर पहुँच कर लोगों से फीडबैक भी लेगी और जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखेगी।

नीति आयोग न केवल विकास के सूचकांकों में आये सकारात्मक बदलाव पर नजर रखेगा, अपितु यह भी देखेगा कि अन्य जिलों की तुलना में यह प्रगति कैसी है। उन्होंने कहा कि जिले में विकास के सूचकांकों को सर्वोत्तम करने सभी अधिकारियों ने अच्छी कार्ययोजना बनाई है और नवाचार भी किया जा रहा है। अब इस कार्ययोजना के अनुसार बेहतर तरीके से कार्य करें ताकि सभी सूचकांकों में राजनांदगांव जिला बेहतर कार्य कर सके।

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