पंजाब में सियासी पारा चढ़ा: मुख्यमंत्री चरणजीत और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन के बीच मुलाकात…

पंजाब में BSF के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के केंद्र के फैसले पर राज्य कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Former Chief Minister Captain Amarinder Singh) के बीच वॉकयुद्ध चल रहा है. इस बीच मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Chief Minister Charanjit Singh Channi) गुरुवार को उनके फार्महाउस पर पूर्व मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की. दरअसल गुरुवार की शाम को चन्नी अपनी पत्नी, भाई और नवविवाहित बेटे और बहू के साथ अमरिंदर के आवास पर पहुंचे. मालूम हो कि पूर्वमुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह चन्नी के शपथ ग्रहण समारोह या उनके बेटे की शादी में भी नहीं पहुंचे थे.

गुरुवार की सुबह, पूर्व हॉकी ओलंपियन और कैबिनेट मंत्री परगट सिंह ने दावा किया कि सिंह अब बीजेपी के साथ हाथ है. एक अन्य ट्वीट में, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अमरिंदर से पूछा कि जब वह मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने BSF के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने की मांग क्यों नहीं की. इस पर अमरिंदर ने जवाब दिया, “कितना हास्यास्पद है! आपका मतलब है कि मैं अब न केवल पंजाब में बल्कि गुजरात, पश्चिम बंगाल, असम आदि में भी एचएमओ के फैसलों को तय कर रहा हूं? उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति जो अपने ही राज्य में चुनाव नहीं जीत सका, उसे राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है.”

शाम छह बजे सिद्धू से की मुलाकात

वहीं दिल्ली में पार्टी महासचिव हरीश रावत और वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने शाम छह बजे सिद्धू से की मुलाकात की. मालूम हो कि मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू पर निजी हमला बोला लेकिन वे चन्नी की कई मौकों पर तारीफ कर चुके हैं. कैप्टन ने चन्नी को बेहतरीन और पढ़ा-लिखा मंत्री बताया था. हालांकि इस दौरान उन्होंने कहा था कि चन्नी को गृह मामलों की समझ कम है.

कैप्टन की मुलाकात ने सियासी पारा चढ़ा दिया

एक ओर जहां चन्नी और कैप्टन की मुलाकात ने सियासी पारा चढ़ा दिया है वहीं चन्नी के एक करीबी ने इस मुलाकात को “व्यक्तिगत यात्रा” कहा, जिसका अमरिंदर और कांग्रेस के बीच की स्थिति से कोई लेना-देना नहीं था, एक अन्य नेता ने दावा किया कि वह सिद्धू के खिलाफ अपने लिए समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे थे, जो सीएम के रूप में उनके अधिकार को स्वीकार नहीं कर रहे थे.

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