2 अक्टूबर से पॉलीथिन कैरीबैग का इस्तेमाल करना पड़ेगा महंगा

जिला प्रशासन में नायब तहसीलदार तक को कार्रवाई करने के लिए अधिकृत

नई दिल्ली :

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर प्रदेश में मंगलवार से सभी तरह के पॉलिथीन कैरीबैग(पैकेजिंग मटेरियल को छोड़कर) पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। मंगलवार से प्रदेश में 50 माइक्रॉन से अधिक मोटाई वाली पॉलीथिन का भी इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा पॉलीथिन और प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा के तीसरे चरण में प्रदेश में सभी तरह की पॉलीथिन के प्रयोग, निर्माण, बिक्री, वितरण, भंडारण, परिवहन, आयात व निर्यात प्रतिबंधित कर दिया गया है।

पहले चरण में 15 जुलाई से सिर्फ 50 माइक्रॉन तक ही पॉलीथिन को प्रतिबंधित किया गया था और दूसरे चरण में 15 अगस्त से थर्माकोल से बने सामानों को प्रतिबंधित किया गया था। नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को इस संबंध में आदेश भेजकर अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

बता दें कि सरकार की घोषणा के मुताबिक प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से पॉलीथिन व थर्माकोल के प्रयोग, निर्माण, बिक्री, वितरण, भंडारण, परिवहन, आयात व निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया था। इस संबंध में सरकार ने जुलाई में ही अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके मुताबिक तीसरे चरण में 2 अक्तूबर (गांधी जयंती) से प्रदेश भर में सभी तरह की पॉलीथिन को प्रतिबंधित किया जाना था।

प्लास्टिक एवं उससे बनी सामग्रियों जैसे प्लास्टिक बैग एवं पॉलीथिन आदि के प्रयोग से पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचने के लिए वर्ष 2000 में ‘उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) अधिनियम लागू किया गया था।

लेकिन इसके कमजोर प्रावधानों के चलते यह प्रभावी नहीं हो सका और न हीं पॉलीथिन पर प्रतिबंध ही लग सका। अब प्रदेश सरकार ने इस अधिनियम में दंड के प्रावधानों को और सख्त करके इसे लागू किया है।

इन विभागों को होगा कार्रवाई का अधिकार

नगर विकास विभाग की अधिसूचना में प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार जिला प्रशासन, नगर निकाय, स्वास्थ्य, प्रदूषण नियंत्रण, वन, खाद्य एवं आपूर्ति, औद्योगिक विकास, खाद्य सुरक्षा व पर्यटन आदि विभाग को दिया गया है। जिला प्रशासन में नायब तहसीलदार तक को कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।

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