छत्तीसगढ़

विकास के नाम पर गरीबों में दहशत का वातावरण

जेसीसी की मांग जहां लोग वहीं मकान

रायपुर: जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने राजधानी के एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार में स्मार्ट सिटी योजना के नाम पर केंद्रीय सरकार के द्वारा नमामी गंगे प्रोजेक्ट के तहत रायपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित प्राचीन महंत तालाब की तीनों तालाब को मिलाकर मरीन ड्राइव से भी आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने की सर्वे, ड्राइंग डिजाइन पर सवाल खड़ा करते हुए कहा यह गरीबों के साथ कुठाराघात है।

विकास के नाम पर गरीब जनता के उचित व्यस्थापन की सर्वे, ड्राइंग डिजाइन तैयार किए बिना उनके खून पसीने की गाढ़ी कमाई से बने आशियाना को उजाड़ने का प्लान, गरीब विरोधी प्लान है,क्योंकि सरकार ने तीनों तालाब को मिलाकर पर्यटन स्थल बनाने का ड्रॉइंग डिजाइन तो बना ली पर वर्षों से तालाब के चारों ओर रहने वाले गरीब परिवारों के उचित व्यस्थापन के बारे में क्या प्लानिंग है यह स्पष्ट नहीं है।

इससे यह भी स्पष्ठ है कि भाजपा राज में गरीबों की कोई कीमत नहीं है। महंत तालाब के किनारे वर्षों से रहने वाले हजारों परिवार के भविष्य के बारे सरकार को कोई चिंता नहीं है। प्रकाशित समाचार में क्षेत्रीय विधायक व मंत्री जी का स्टेटमेंट में कहा गया है कि उन परिवारों को आस-पास तालाब से कुछ दूर में बसायेंगे।

पर्यटन स्थल बनाने की नीति तो स्पष्ट है लेकिन उन हजारों परिवार को कहाँ बसायेंगे वह नीति स्पष्ट नहीं है? नायक ने आगे कहा क्षेत्रीय विधायक और मंत्री राजेश मूणत पहले यह स्पष्ठ करें कि उन हजारों परिवार के उचिय व्यस्थापन के सम्बंद में उनकी क्या नीति है? जिससे उनका स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार प्रभावित न हो। पहले उन हजारों परिवार के उचित व्यस्थापन का ड्राइंग डिजाइन तैयार हो बाद में पर्यटन स्थल का अन्यथा जनांदोलन किया जाएगा।

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