प्रदेश में 27 जून से 11 जुलाई तक चलेगा जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़ा

-छत्तीसगढ़ में प्रजनन दर 3.3 से घटकर 2.2 और दम्पत्ति सरंक्षण दर 53.2 से बढ़कर 61.7 पर

रायपुर।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ में जनसंख्या नियंत्रण के लिए 27 जून से जनसंख्या नियत्रंण पखवाड़ा हो रहा है। यह कार्यक्रम विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई तक चलेगा।

उल्लेखनीय है कि यह केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा जनसंख्या स्थिरता के लिए कई प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। एनएफएचएस -4-2015 के सर्वे रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में वर्ष 2003 में कुल प्रजनन दर 3.3 था, जो वर्तमान मंे कम होकर 2.2 हो गया है, अर्थात् एक महिला के प्रजनन काल में औसत बच्चो की संख्या से यह डाटा लिया गया है। परिवार नियोजन की दम्पत्ति संरक्षण दर 53.2 से बढ़कर 61.7 हो गया है। परिवार नियोजन के साधन अपनाने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो ने आज यहां बताया कि परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत जनसंख्या नियंत्रण एवं स्थिरता के लिए इस मुहिम में महिला की शादी 19 वर्ष के बाद हुई हो और पहले बच्चे का जन्म कम से कम दो वर्ष के बाद पुत्री होने पर 12000 रूपए प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है।

वहीं पुत्र होने पर 10000 रूपये की राशि देने का प्रावधान रखा गया है। दंपत्ति यदि दूसरे संतान में न्यूनतम तीन वर्ष का अंतर रखे हो एवं जन्म के एक वर्ष के भीतर हीं किसी एक ने परिवार नियोजन का स्थायी साधन अपनाया हो तो उन्हें 7000 रूपये पुत्री होने पर तथा 5000 रूपये पुत्र होने पर अतिरिक्त राशि दिए जाते है। यह योजना बीपीएल कार्डधारियों के लिए ही है।

अधिकारियो ने बताया कि 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 27 जून से 10 जुलाई तक घर-घर जाकर दम्पत्ति संपर्क पखवाड़ा मनाया जाएगा। इन दिनों में एक बच्चे, दो बच्चे तथा दो से अधिक बच्चो के माता-पिता को परिवार नियोजन के स्थायी अथवा अस्थायी साधन अपनाने की जानकारी दिया जाएगा। बहुउद्देश्यी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एएनएम तथा मितानिन के द्वारा योग्य दम्पत्तियों की सूची बनाया जाएगा।

जिला अस्पताल तथा चिन्हाकित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लक्षित दंपत्तियों को हितग्राही बनाते हुए परिवार नियोजन की सेवाएं प्रदान किया जाएगा। पखवाड़े के दौरान जिला स्तर पर स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, स्कूल कॉलेजों में निबंध प्रतियोगिता व रैली का भी आयोजन किया जाएगा।

इस आयोजन में स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, जिला पंचायतों के सहयोग से पखवाड़ा संपादित किया जाएगा। राज्य के जिला बिलासपुर, मुंगेली, कवर्धा, सुकमा, दंतेवाड़ा, सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, जशपुर और बस्तर(जगदलपुर) में सास-बहू सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को गाईडलाईन जारी किया गया है।

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