2030 तक भारत में जड़ से खत्म हो जाएंगी गरीबी: रिपोर्ट

यह वृद्धि की गाथा और 1991 के आर्थिक सुधारों का समर्थन करती है

नई दिल्ली।भारत अब गरीबी की श्रेणी से निकल जाएंगा। भारत ने सबसे बड़ी गरीब आबादी के देश का तमगा उतार दिया। वहीं 2022 तक 3 प्रतिशत से भी कम भारतीय गरीब रह जाएंगे।

इसके अलावा 2030 तक भारत से गरीबी पूरी तरह से खत्म हो जाएंगी। वहीं इस श्रेणी में भारत का स्थान 2018 में नाइजीरिया ने ले लिया है।

अगर ये गति इसी तरह चलती रही तो भारत इस लिस्ट में एक पायदान फिसलकर तीसरे नंबर पर आ जाएंगा। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो उसकी जगह दूसरा पायदान हासिल कर लेगा।

तेज आर्थिक वृद्धि ने भीषण गरीबी पर करारा प्रहार करने में मदद की है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनैंस ऐंड पॉलिसी में प्रोफेसर एन आर भानुमूर्ती ने कहा, ‘मूलतः यह वृद्धि की गाथा और 1991 के आर्थिक सुधारों का समर्थन करती है।

जिसने गरीबी कम करने में मदद की।’ उन्होंने आगे कहा, ‘भविष्य में टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने की चुनौती होगी, जिससे अध्ययन के ये नतीजे सच साबित हो सकेंगे कि भारत 2030 तक अत्यंत गरीबी जड़ से खत्म कर सकेगा।’

भानुमूर्ति का मानना है कि 2030 तक भारत अत्यंत गरीबी को पूरी तरह खत्म कर सकेगा, यह अनुमान गरीबी हटाने के देश के पिछले 10 साल के रेकॉर्ड और सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्यों को हासिल करने की इसकी क्षमता के मद्देनजर सही जान पड़ता है।

उन्होंने कहा, ‘लेकिन इसे हासिल करने के लिए हमें शेष समयावधि में 7 से 8 प्रतिशत की दर से विकास करना होगा।’

संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रायोजित टिकाऊ विकास लक्ष्यों का मकसद 2030 तक दुनियाभर से गरीबी हटाना है।

देश दर देश गरीबी के मानक अनुमानों में दक्षिण एशिया, पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों में तेजी से गरीबी घटने के सबूत सामने आ रहे हैं।

अध्ययन के मुताबिक, इसकी मुख्य वजह भारत, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, फिलिपींस, चीन और पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति आय में तेज वृद्धि है।

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