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प्रभु ने प्रस्तावित कृषि निर्यात, औद्योगिक नीतियों की समीक्षा की

नई दिल्लीः केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने प्रस्तावित कृषि निर्यात और नई औद्योगिक नीतियों की आज समीक्षा की और निर्यात बढ़ाने की रणनीति पर शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा की। वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार देश के निर्यात को नए स्तर पर ले जाने के लिए नई पहल पर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह कहा था कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई कृषि निर्यात नीति जल्द लाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने को का लक्ष्य हासिल करने के रास्ते पर है। प्रभु ने ट्विटर पर लिखा है, वाणिज्य सचिव तथा डीजीएफटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। विभिन्न निर्यात संवद्र्धन रणनीति पर चर्चा की और शीघ्र आने वाली कृषि निर्यात नीति तथा औद्योगिक नीति की समीक्षा की।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने मार्च में कृषि निर्यात नीति का मसौदा पेश किया था। इस नीति का मकसद किसानों के निर्यात को दोगुना करना तथा भारतीय किसानों तथा कृषि उत्पादों को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से एकीकृत करना है।

नई औद्योगिक नीति 1991 की पुरानी नीति का स्थान लेगी। भुगतान संतुलन समस्या के बीच इसे तैयार किया गया है। प्रस्ताव औद्योगिक नीति का मकसद उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा देना तथा मौजूदा उद्योगों को आधुनिक रूप देना है। इसमें रोबोटिक्स तथा कृत्रिम मेधा जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के रास्ते में आने वाली नियामकीय बाधाओं को दूर करना तथा उसके उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी गौर किया जाएगा।

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