प्रधानमंत्री आवास योजना बना मजाक,मकान बनाए बिना निकाली जा रही राशि

सरकार द्वारा स्थल निरीक्षण कर वहीं से जियोटेग करने को प्रावधान

भरत ठाकुर

बिलासपुर। कोटा-ग्राम पंचायत तुलुफ में अधूरे आवास पड़े हैं। वहीं कुछ आवास तो ऐसे हैं जिनकी राशि ही पूर्ण रूप से निकाल दी गई, लेकिन वही मात्र बीम तक ही सीमित हैं|

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार द्वारा स्थल निरीक्षण कर वहीं से जियोटेग करने को प्रावधान है। इसके बाद भी बिना बने ही पैसे निकल जाते हैं। जनपद पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना मजाक बनती जा रही है।

योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों के लिए पक्का आवास बनाया जाए। ताकि लोग अपनी झुग्गी से बाहर निकल सके पक्के भवन में स्वच्छता के साथ रह सकेए लेकिन योजना का उद्देश्य सफल होता नजर नहीं आ रहा है।

यहां रहने वाले मंगलीन बाई एदादू धनुहार की आवास की राशि निकाल ली गई। लेकिन काम मात्र डोर लेबल तक ही सीमित है।

ठेकेदार द्वारा आवास नहीं बनाया गया और राशि फर्जी तरीके से हितग्राही के बिना बैंक गए ही पैसा बैंक मैनेजर व बैंक चपरासी के सेटिंग से पैसा निकाल लिया गया। इस बारे मे एसडीएम कोटा कीर्तिमान राठौर कहना हैए कि मामले की जाँच के बाद कार्यवाही होगी।

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