प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के दिए गए बयान को बताया बचकाना

देश की अर्थव्यवस्था में मंदी की रिपोर्ट को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने खारिज किया

रायपुर: प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के भारत की अर्थव्यवस्था पर दिए गए बयान को बचकाना करार दिया है। ज्ञात हो कि देश की अर्थव्यवस्था में मंदी की रिपोर्ट को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने खारिज किया है।

उन्होंने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि वह रिपोर्ट (बेरोज़गारी पर एनएसएसओ रिपोर्ट) झूठी है। उन्होंने मीडिया को 10 प्रासंगिक डाटा दिए हैं, जो कि रिपोर्ट में कोई मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कभी नहीं कहा कि वे सभी को सरकारी नौकरी देंगे। कुछ लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से गुमराह करने की कोशिश की।

उनके इस बयान पर प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत की जनता को 2.5 करोड़ रोज़गार प्रति वर्ष देने वाले वादे को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झूठे वादों का बचाव

भाजपा के नेताओं द्वारा बारी बारी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झूठे वादों का बचाव करना उनकी सरकार की विफलता को प्रदर्शित करता है क्योंकि सीएजी की रिपोर्ट में भी भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से गिरावट का खुलासा हुआ है साथ ही कई अर्थशास्त्रियों ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत दिए हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद अपनी ही सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से मुकर रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर देश में मंदी होती तो दो अक्तूबर को रिलीज हुईं तीन फिल्मों ने 120 करोड़ रुपये की कमाई नहीं की होती। अर्थव्यवस्था दुरुस्त है तभी फिल्मों ने इतनी कमाई की है।

उन्होंने कहा, मेरा फिल्मों से लगाव है। फिल्में बड़ा कारोबार कर रही हैं। उनके इस बयान पर प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि क्या अब देश की अर्थव्यवस्था में तेजी या गिरावट के आंकड़े फिल्मों की कमाई पर निर्भर करेंगे? यह पूरी तरह से गैरजिम्मेदाराना बयान है। जिस प्रकार से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण महँगाई पर गैरजिम्मेदाराना बयान देती आ रही हैं उसी कड़ी में भाजपा के बाकी नेता भी ऊलजलूल बयानबाज़ी करते हैं।

120 करोड़ रुपये का कारोबार

रविशंकर ने आगे कहा, दो अक्तूबर को तीन फिल्में रिलीज हुईं। फिल्म उद्योग के विशेषज्ञ ने कहा है कि नेशनल हॉलीडे के दिन इन तीन फिल्मों ने 120 करोड़ रुपये का कारोबार किया। अब जब देश की अर्थव्यवस्था थोड़ी सही हो रही है तभी तो 120 करोड़ रुपये का रिटर्न एक दिन में आ रहा है।

इस बयान पर प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भारत की जनता को गुमराह कर रहे हैं क्योंकि फिल्में तो रिलीज होने से पहले ही डिस्ट्रीब्यूटरों के माध्यम से बिक जाती हैं। मोदी सरकार को देश की जनता को मूर्ख बनाने की बजाय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना चाहिए ना कि बेतुकी बयानबाज़ी।

सकारात्मक तरीके से काम करने की जरूरत

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर छह साल के निचले स्तर पांच फीसदी पर पहुंच गई है। रिजर्व बैंक सहित दुनिया की कई बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने भी भारत के लिए विकास दर के अनुमान में कटौती की है। इस सच्चाई से मोदी सरकार को भागने की बजाय सकारात्मक तरीके से काम करने की जरूरत है।

Back to top button