प्रवीण तोगड़िया ने दिए नई पार्टी बनाने के संकेत

नई दिल्ली: राम मंदिर को लेकर प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि अगर चार महीने के भीतर सरकार राम मंदिर का निर्माण नहीं करवाती है तो वे हिंदूओं के लिए तीसरा विकल्प तैयार करेंगे. इलाहाबाद में एक कार्यक्रम में प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि, अगर सरकार राम मंदिर का निर्माण नहीं करवाती है तो 20 करोड़ हिंदुओं को जोड़कर कुंभ मेले के दौरान तीसरे विकल्प पर विचार किया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए तोगड़िया नई राजनीतिक पार्टी का भी ऐलान कर सकते हैं. विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष और कट्टरवादी हिंदू नेता प्रवीण तोगड़िया पीएम मोदी के कामकाज से खुश नहीं हैं. यह बात अब जग जाहिर हो चुकी है. अप्रैल महीने में विश्व हिंदू परिषद से खुद को अलग करने के बाद प्रवीण तोगड़िया ने अंतराष्ट्रीय हिंदू परिषद का गठन भी किया है.

सरकार को दिया चार महीने का वक्त : मोदी और योगी सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि मैं चार महीने का वक्त दे रहा हूं. अगर इस दौरान कानून पास नहीं किया जाता है तो मैं अपने लाखों समर्थकों के साथ लखनऊ से अयोध्या की तरफ कूच करूंगा. साथ में उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी के कई नेता पार्टी से नाराज चल रहे हैं और वे उनसे लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने बीजेपी पर हिंदुओं को ठगने और वादाखिलाफी का आरोप लगाया. तोगड़िया ने साफ कहा कि हिंदू के बलबूते बीजेपी है, बीजेपी के बलबूते हिंदू नहीं है.

राम मंदिर को लेकर जुमलेबाजी नहीं चलेगी- तोगड़िया
तोगड़िया ने इलाहाबाद में कहा, “हमने सोचा नहीं था कि राम के साथ भी जुमलेबाजी होगी. राम मंदिर का कानून, चुनावी जुमला बना. प्रवीण तोगड़िया को कहा कि जुबान बंद करो. हमने वहां भी जुबान बंद नहीं की क्योंकि यह (राम मंदिर) करोड़ों हिंदुओं की इच्छा थी और आज भी है.” तोगड़िया ने कहा, “कल मैं अयोध्या में रामलला के दर्शन करने और महंत नृत्य गोपालदास के निमंत्रण पर उनके पास गया था. हमारे बीच यही बात हुई कि यदि अदालत से ही मंदिर बनवाना था तो कारसेवा करके लोगों को मरवाया क्यों, इसका उत्तर दो.”

2019 में हिंदुओं के लिए होगा दूसरा विकल्प- तोगड़िया
उन्होंने कहा, “मैंने इन चार वर्षों में आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बार, बार बैठकें की.. सरकार से राम मंदिर के लिए कानून बनाने की प्रार्थना की. संतों ने प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें बहुत समझाया, लेकिन अब तक कोई परिणाम नहीं आया है.” तोगड़िया ने कहा, “फिर भी हम उन्हें और चार महीने का समय दे रहे हैं. यदि चार माह में राम मंदिर को लेकर संसद में कानून नहीं बनता है तो हिंदू समाज लखनऊ से अयोध्या कूच करेगा. फिर भी वे कानून नहीं लाते हैं तो 2019 में भारतीय राजनीति में हिंदुओं के लिए दूसरा राजनीतिक विकल्प खड़ा होगा.”

हिंदू सशक्तीकरण की दिशा में काम कर रहे हैं- तोगड़िया
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के नाम से एक नया संगठन स्थापित करने वाले तोगड़िया ने कहा, “हमने हिंदुओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में काम प्रारंभ किया है. यह (दल) ना छद्म धर्मनिरपेक्ष होगा और ना ही छद्म हिंदुत्ववादी होगा.” उन्होंने कहा कि हिंदुओं के धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए काम करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने 10 संगठन बनाए हैं, जिनमें विद्यार्थियों के राष्ट्रीय छात्र परिषद, युवकों के लिए राष्ट्रीय बजरंग दल, युवतियों के लिए ओजस्वनी, राष्ट्रीय महिला परिषद, राष्ट्रीय किसान परिषद, राष्ट्रीय मजदूर परिषद, राष्ट्रीय व्यापारी परिषद शामिल हैं.

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