प्रेग्नेंसी में इस तरह रखे दांतों का ख्याल नहीं होगी Oral problem

गर्भावस्था में सेहत का बहुत ज्यादा ख्याल रखने पड़ता है।

गर्भावस्था में सेहत का बहुत ज्यादा ख्याल रखने पड़ता है। मां के शरीर में पोषक तत्वों की कमी के असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ता है इसलिए बैलेंस डाइट को फॉलो करना बेहद जरूरी है। समय-समय पर चेकअप करवाने में किसी तरह की लापरवाही बरतना भी नुकसानदेह हो सकता है।

इसके अलावा प्रेग्नेंसी में डेंटल केयर भी बहुत जरूरी है। दरअसल, इस समय कई तरह के हार्मोनस उतार-चढ़ाव आते हैं, जिसका असर दांतो पर भी पड़ सकता है। कमजोर दांत,मसूढ़ों में दर्द आदि जैसी परेशानियों से बचने के लिए दांतों पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है ताकि बाद में किसी तरह की कोई दिक्कत न रहे।

1. ब्रशिंग और फ्लॉसिंग है जरूरी

दांत साफ करने में किसी तरह का कोई आलस न करें। इसके अलावा समय-समय पर फ्लॉसिंग पर भी ध्यान जरूर दें। ब्रशिंग न करने से मुंह में संक्रमण फैलने का डर रहता है। जिससे बचने के दांतों की देखभाल जरूर करें।

2. एंटीसेप्टिक्स न खाएं

दांत में दर्द महसूस हो रहा हो तो प्रेग्नेंसी में किसी भी दवा की सेवन डॉक्टरी सलाह के बिना न करें। इससे बच्चे को नुकसान हो सकता है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवाई न खाएं।

3. कैविटी से बनाएं दूरी

मीठे पदार्थों का अधिक सेवन करने से दांतो की कैविटी होने का डर रहता है। इससे दांतों के इनेमल खत्म होने शुरु हो जाते हैं। ऐसे में आइसक्रीम,अचार, चीनी, कैंडी, चॉकलेट का सेवन कम करें।

4. हैल्दी लाइफस्टाइल पर दें ध्यान

 

दांतों में सड़न,मुंह की बदबू या मसूढ़ों से खून आने की परेशानी हो तो इसे संक्रमण होने का डर रहता है। जिससे बाद में सेहत से जुड़ी और भी कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं। इससे बचने के लिए हैल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। रोजाना ब्रशिंग और मसूढ़ों की मसाज करें। ऑयल पुलिंग थैरेपी भी बैस्ट है।

5. फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का करें इस्तेमाल

मुंह की अमलता को दूर करने के लिए फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। इससे दांतों की सड़ने से छुटकारा पाया जा सकता है।

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