56 साल बाद मैसूर के दशहरा महोत्सव में शामिल होंगी ‘गर्भवती’ महारानी

बेंगलुरु. मैसूर के शाही परिवार के लिए इस बार का दशहरा महोत्सव बेहद खास होने जा रहा है। यदु वंश के वारिस और 27 वें प्रमुख यदुवीर कृष्णदत्त चमराजा वडियार और उनकी पत्नी तृषिका कुमारी देवी के घर में जल्द ही बच्चे की किलकारी गूंजने वाली है। तृषिका पीढि़यों से चले आ रहे इस विश्व प्रसिद्ध दशहरा महोत्सव में हिस्सा लेने जा रही हैं। ऐसा 56 साल बाद हो रहा है जब एक गर्भवती महारानी इस तरह के महोत्सव में हिस्सा ले रही हैं।

पिछली बार वर्ष 1961 में ऐसा अवसर आया था, जब महारानी त्रिपुरा सुंदरी मां बनने वाली थीं और उन्होंने दशहरा महोत्सव में हिस्सा लिया था। इससे भी पहले 1890 में गर्भवती महारानी वानी विलास सन्निधना ने ‘शाही’ दशहरा महोत्सव में हिस्सा लिया था। तृषिका बेंगलुरु में एक डाक्टर हैं और अपने पति के साथ बेंगलुरु पैलेस में काफी समय बिता रही हैं। दशहरा महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए इस शाही जोड़े ने शताब्दी ट्रेन से यात्रा की थी। इससे उनके साथी यात्री आश्चर्य में थे।

तृषिका राजकोट के एक शाही परिवार से ताल्लुक रखती हैं और जून 2016 में दोनों की शादी हुई थी। यदुवीर मई 2015 में वाडियार परिवार के संरक्षक बने थे। बताया जा रहा है कि यदुवीर इस साल के आखिर तक बाप बन सकते हैं। परंपरा के मुताबिक राजमहल की महारानी अपने पति के साथ कई रस्मों को पूरा करती हैं। इस दौरान यदुवीर 800 साल पुराने सोने के सिंहासन पर बैठेंगे और खास दरबार लगाएंगे।

पिछले हफ्ते मैसूर में दशहरा महोत्सव शुरू होते समय यह शाही जोड़ा इस परंपरा का हिस्सा बना था। शाही जोड़े को पिछले साल भी बच्चा होने वाला था लेकिन उसकी मौत हो गई थी।

जयचमराजा वडियार के दामाद राज चंद्रा ने कहा, ‘ शाही खानदान के लिए दशहरा विशेष महत्व रखता है। तृषिका तीसरी ऐसी गर्भवती महारानी हैं जो इस महोत्सव में हिस्सा लेंगी। यह परिवार के लिए बेहद सुखद क्षण है।’

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