प्रवासी मजदूरों और छात्रों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए तैयारी शुरू

दूसरे स्थानों से कुछ प्रवासी मजदूरों को ला भी चुके हैं कुछ राज्य

नई दिल्‍ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश के बाद लॉकडाउन के कारण फंसे प्रवासी मजदूरों और छात्रों को घर तक पहुंचाने के संबंध में कई राज्यों ने कदम उठाने की घोषणा की है. कुछ राज्य दूसरे स्थानों से कुछ प्रवासी मजदूरों को ला भी चुके हैं.

मध्य प्रदेश सरकार ने कहा कि लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे 2,000 से ज्यादा मजदूरों को लाया गया है . देश के विभिन्न भागों में फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए तैयारी के बीच उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से पृथक-वास केंद्र, आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई तैयार करने को कहा है.

सभी जिलाधीश को नोडल प्राधिकार नियुक्त

महाराष्ट्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर राज्य के भीतर फंसे हुए लोगों के आवागमन के लिए सभी जिलाधीश को नोडल प्राधिकार नियुक्त किया है. नोडल प्राधिकार अपने-अपने जिले में फंसे हुए लोगों के नाम दर्ज करेंगे और यह सूची जिलाधीश को सौंपी जाएगी. फंसे हुए लोगों के समूह को नोडल प्राधिकार द्वारा दिए गए पत्र की प्रति को साथ रखना होगा .

गुजरात सरकार ने फंसे हुए लोगों के आवागमन के संबंध में 16 नौकरशाहों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है . केरल सरकार ने भी अपने गृह राज्यों में लौटने के इच्छुक लोगों के लिए नॉन स्टॉप ट्रेनें चलाने की मांग की है. राज्य में 20,000 से ज्यादा शिविरों में 3.60 लाख कामगार हैं और इनमें से अधिकतर पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, बिहार और उत्तरप्रदेश के लोग हैं, जो अपने घर लौटना चाहते हैं .

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे लॉकडाउन के कारण राज्य में फंसे प्रवासी मजदूरों का डेटा तैयार करें . उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मजदूरों के परिवहन के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करने का आग्रह किया.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के तहत फंसे हुए लोगों के आवागमन के लिए बसों का इस्तेमाल होगा और इन वाहनों को संक्रमण मुक्त बनाना होगा . गाड़ियों में बैठने की व्यवस्था के समय सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा . एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़ाई से इन दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा .

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ किया कि सामान की आपूर्ति में लगे ट्रकों की अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए अलग से किसी पास की कोई आवश्यकता नहीं है . मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे ट्रक चालकों का लाइसेंस ही काफी है.

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