राष्ट्रपति ने की निर्भया रेप केस के दोषी विनय शर्मा की दया याचिका ख़ारिज

नई दिल्ली: निर्भया केस के चारों दोषियों को आज सुबह 6 बजे फांसी दी जानी थी लेकिन अदालत के आदेश के बाद इसे टाल दिया गया. दरअसल निर्भया गैंगरेप और हत्या के चार दोषियों को फांसी लगने के लगभग 12 घंटे पहले दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को तिहाड़ जेल प्रशासन से इन दोषियों को अगले आदेश तक फांसी नहीं देने को कहा.

अदालत ने शुक्रवार को तिहाड़ जेल अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ जारी मौत के वारंट को निष्पादित नहीं करने का निर्देश दिया. वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया रेप केस के दोषी विनय शर्मा की दया याचिका ख़ारिज कर दी है.

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अन्य आरोपी की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी. शीर्ष अदालत की तीन न्यायधीशों न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर. बनुमथी और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के एक चेंबर में सुनवाई के बाद दोषी पवन गुप्ता द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया.

अदालत ने पाया कि निर्भया कांड के दोषी पवन गुप्ता के किशोर होने के मुद्दे पर अदालतें पहले ही फैसला कर चुकी हैं. अदालत ने कहा, “हम कितनी ही बार वही बातें सुनेंगे? आप इसे पहले ही कई बार उठा चुके हैं.”

निर्भया मामले के दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर अपराध के समय उसके नाबालिग होने की दलील दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा ठुकराने के आदेश को चुनौती दी थी, जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया.

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