मद्रास हाई कोर्ट के सभी फैसलों का तमिल भाषा में हो अनुवाद: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ने मद्रास हाई कोर्ट के न्यायाधीशों से भी मिलने की इच्छा जताई थी

मद्रास हाई कोर्ट के सभी फैसलों का तमिल भाषा में हो अनुवाद: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को एक बार फिर अदालती फैसलों को स्थानीय भाषाओं में अनुवाद करने की अपील की है। चेन्नै में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मद्रास उच्च न्यायालय के सभी फैसलों का तमिल भाषा में अनुवाद किया जाए जिससे कि मुकदमे से जुड़े पक्षकारों को उनके केस की प्रगति और उसकी सभी बातों को आसानी से समझने में मदद मिल सके।

अपनी चेन्नै यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ने मद्रास हाई कोर्ट के न्यायाधीशों से भी मिलने की इच्छा जताई थी। राष्ट्रपति की इस इच्छा के अनुरूप राजभवन के दरबार हॉल में इस बैठक का आयोजन हुआ।

इसी दौरान राष्ट्रपति ने न्यायिक व्यवस्था के विषय में जजों से काफी देर तक संवाद किया। इस बैठक के दौरान ही अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी अदालत तब तक सभी की मदद नहीं कर सकती, जब तक कि वह अपनी कार्यशैली में स्थानीय भाषाओं को स्थान ना दे।

‘बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी दिया था सुझाव’
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि उन्होंने बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी अपनी यात्रा के दौरान इस बात का सुझाव दिया था कि अदालत की कार्यशैली में स्थानीय भाषाओं को भी पूरी तरजीह दी जाए। इस दौरान तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कानून की किताबों का भी तमिल भाषा में अनुवाद कराने की वकालत की।

राष्ट्रपति ने काफी देर तक जजों से विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया। एक ओर जहां राष्ट्रपति ने जजों से संवाद के दौरान देश में बढ़ रही न्यायिक जागरुकता की सराहना की, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति को अपने बीच इतना सहज रूप से देख न्यायधीशों में भी काफी उत्साह दिखा।

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