बकरीद के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सभी नागरिकों को दी बधाई

कोरोना के कारण इस बार भी मस्जिद में कम से कम लोगों को आने की अनुमति

नई दिल्ली:राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस्लाम धर्म में त्याग की पवित्र भावना का पर्व बकरीद के खास अवसर पर सभी नागरिकों को बधाई दी और सभी से कोविड-19 के प्रसार को रोकने के उपायों को अपनाकर इस महामारी से लड़ने का संकल्प लेने की अपील की.

उन्होंने कहा कि यह त्योहार एकता और बंधुत्व के लिए प्रेम और बलिदान की भावना के प्रति सम्मान व्यक्त करने का है. रामनाथ कोविंद ने कहा कि ईद-उल-अजहा प्रेम, निस्वार्थता और बलिदान की भावना के प्रति आभार व्यक्त करने और एक समावेशी समाज में एकता और भाईचारे के लिए मिलकर काम करने का त्योहार है.

बकरीद या फिर कहें ईद–उल–जुहा का पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है. इस पर्व का संबंध कुर्बानी से है. कुर्बानी का असल अर्थ ऐसे बलिदान से है जो दूसरों के लिए दिया गया हो. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार बकरीद रमजान का पाक महीना खत्म होने के लगभग 70 दिनों बाद मनाया जाता है.

बकरीद के पर्व में खुदा की राह में कुर्बानी का जज्बा और इन्सानियत के लिए दुआएं शामिल हैं. इस दिन एक बकरे को खुदा के लिए कुर्बान कर दिया जाता है. लोग आज मस्जिद में नमाज अदा करते नजर आ रहे हैं. हालांकि, कोरोना के कारण इस बार भी मस्जिद में कम से कम लोगों को आने की अनुमति है.

कोरोना के कारण 50 से ज्यादा लोग नहीं होंगे इकठ्ठा

मुस्लिमों की संस्था इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया ने भी ईद उल अजहा मनाने के लिए कोरोना महामारी के मद्देनज़र एडवाइजरी जारी की है. मौलाना ख़ालिद रशीद फरंगीमहली ने लखनऊ से इस एडवाइजरी को जारी करते हुए सलाह दी है कि ईद के दिन मस्जिदों में 50 से ज्यादा लोग इकठ्ठा होकर नमाज़ न पढ़ें. इसके अलावा सिर्फ उन्हीं जानवरों की कुर्बानी देने की सलाह दी गई है जो कानून के मुतबिक उचित हैं और जिन पर रोक नहीं लगाई गई है.

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