राज्य न्यायिक अकादमी के कार्यक्रम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया संबोधित

कहा- अहम फैसलों का स्थानीय भाषा में भी हो अनुवाद

जबलपुर। राज्य न्यायिक अकादमी के कार्यक्रम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संबोधित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि सभी ज्यूडिशियल एकेडमी के अनुभवों को साझा करने का ये प्रयास महत्वपूर्ण है। न्याय व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल से खुशी होती है। तकनीक की वजह से कागज़ का इस्तेमाल घट रहा है, ये पर्यावरण की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि जिला अदालतों में लंबित मुकदमों को निपटाने का प्रयास ज़रूरी है। जल्द फैसलों के लिए न्याय प्रक्रिया का सरलीकरण ज़रूरी है। जल्द न्याय के लिए तकनीक का इस्तेमाल महत्वपूर्ण है। न्यायदान में पुस्तकीय ज्ञान के अलावा व्यवहारिक बुद्धि-युक्ति भी ज़रूरी है। जजों में मानवीय मूल्यों की रक्षा करने की भावना हो, देश की जनता को न्यायपालिका से बहुत अपेक्षा है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि मेरे सुझाव से SC ने अपने निर्णयों का हिंदी में अनुवाद करवाया है। स्थानीय अधिकृत भाषाओं में अनुवाद करवाएं, सभी हाईकोर्ट अपने महत्वपूर्ण फैसलों का अनुवाद करवाएं। शीघ्र, सुलभ, सस्ता न्याय दिलाने पर मंथन किया जाना जरुरी है। न्याय व्यवस्था का मकसद सिर्फ मुकदमे सुलझाना नहीं, न्याय की रक्षा भी होना चाहिए। बार- बार स्टे लेने के लूपहोल्स से मामले लंबित रह जाते हैं। लूपहोल्स दूर करने न्यायपालिका को प्रो एक्टिव होना ज़रूरी है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि परिचर्चा के नतीजों की प्रति राष्ट्रपति भवन को भी करवाएं उपलब्ध करवाएं।

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