राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री नियुक्त किया

नई दिल्ली : सर्वसम्मति से एनडीए का नेता चुने जाने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर नरेंद्र मोदी ने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। राष्ट्रपति ने उनसे कैबिनेट के अन्य सदस्यों की भी सूची देने का अनुरोध किया। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री नियुक्त किया। इससे पहले नरेंद्र मोदी के एनडीए का नेता चुने जाने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को समर्थन पत्र सौंप दिया गया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के नेताओं ने राष्ट्रपति को नरेंद्र मोदी को सर्वसम्मति से नेता चुने जाने की जानकारी देते हुए यह समर्थन पत्र सौंपा।

71 लोग इस बारे में बात कर रहे हैं
गठबंधन का नेता चुने जाने के बाद मोदी ने संविधान की प्रति को प्रणाम करते हुए अपना संबोधन दिया। एनडीए के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों और अल्पसंख्यकों को विपक्ष ने धोखा दिया है। इसे तुरंत रोकना चाहिए। ‘हमने सबका साथ, सबका सबका विकास के लिए काम किया है। अब हमें सबका साथ निभाना है।’

गरीबों और अल्पसंख्यकों को धोखा दिया गया
उन्होंने इस दौरान कहा ‘जिस तरह से गरीबों को धोखा दिया गया है, अल्पसंख्यकों को उसी तरह से धोखा दिया गया है। यह अच्छा होता अगर उनकी शिक्षा, उनकी सेहत पर ध्यान दिया जाता। हमें इस छल को भी भेदना है। हमें उनका विश्वास जीतना है। संविधान को साक्षी मानकर हम संकल्प लें कि देश के सभी वर्गों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। पंथ-जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। हम सबको मिलकर 21वीं सदी में हिंदुस्तान को नई ऊचाईयों पर ले जाना है।

इस चुनाव में सत्ता-समर्थक लहर देखने को मिली
उन्होंने एनडीए नेताओं से कहा ‘इस चुनाव में सत्ता-समर्थक लहर (PRO-INCUMBANCY)थी, इसका नतीजा एक सकारात्मक जनादेश था। इस चुनाव ने दीवारों को नीचे लाने और दिलों को जोड़ने में मदद की है। इससे पहले कहा जाता था कि चुनाव बांटने का काम करता है। आचार्य विनोबा भावे भी इसे कहते थे। इसके विपरीत इस चुनाव ने दिलों को जोड़ने का काम किया है। ये चुनाव सामाजिक एकता का आंदोलन बन गया।

मोदी ही मोदी का चैलेंजर है
इस दौरान उन्होंने कहा अखबार के पन्नों से न तो मंत्री बनते हैं, न ही मंत्रिपद जाते हैं। मैंने कभी कहा था कि मोदी ही मोदी का चैलेंजर है। इस बार मोदी ने मोदी को चैलेंज किया और 2014 के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जितने वोट मिले और 2019 में जो वोट मिले, उनमें जो वृद्धि हुई है, यह वृद्धि करीब-करीब 25 प्रतिशत है, मेरे जीवन के कई पड़ाव रहे, इसलिए मैं इन चीजों को भली-भांति समझता हूं, मैंने इतने चुनाव देखे, हार-जीत सब देखे, लेकिन मैं कह सकता हूं कि मेरे जीवन में 2019 का चुनाव एक प्रकार की तीर्थयात्रा थी।

को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म की पटरी पर दौड़ेगा देश
39 सहयोगी दलों की उपस्थिति में ‘नेशनल एंबीशन, रीजनल एस्पिरेशन’ (राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा और क्षेत्रीय आकांक्षा) की बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश अब इसी पटरी पर दौड़ेगा। एक तरफ जहां यह एनडीए को मजबूत करने का संकेत था, वहीं यह भी जता दिया कि सभी राज्यों को साथ लेकर देश आगे बढ़ेगा। मोदी पहले भी को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म की बात करते रहे हैं।

एनर्जी और सिनर्जी से आगे बढ़ेगा एनडीए
उन्होंने कहा कि एनडीए अपने दो रसायनों एनर्जी और सिनर्जी (ऊर्जा एवं तालमेल) से आगे बढ़ेगा। उन्होंने भाजपा के विस्तार में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे वरिष्ठ नेताओं के योगदान को भी सराहा।

सांसदों को भी किया सतर्क
भावी केंद्रीय मंत्रिमंडल को लेकर चल रही अटकलों के बीच जहां उन्होंने मीडिया पर तंज किया, वहीं सांसदों को सतर्क भी किया। उन्होंने कहा, ‘जो भी पद मिलना है, उसका एक मापदंड है। किसी के बहकावे में मत आइएगा। अभी तो मैंने जीते हुए सभी सांसदों की सूची भी नहीं देखी है लेकिन नाम सबके छप चुके हैं। कुछ लोग छपास और दिखास के नशे के शिकार हो जाते हैं। इससे बचें क्योंकि एक मिनट की बात हमें 48 घंटे परेशान करती है।’ पहली बार चुनकर आए सांसदों को उन्होंने आगाह किया कि दिल्ली में एक गैंग है, जो ट्रैप करता है और प्रलोभन देता है। कई बार हारे हुए सांसद भी कुछ लोगों को भेजते हैं। ऐसे लोगों को ही रखें, जिन्हें अपने क्षेत्र में दस-पंद्रह वर्षो से जानते-समझते हों। मोदी ने वीआइपी कल्चर से बचने की सलाह भी दी।

माताओं-बहनों ने कमाल कर दिया
सदन में महिलाओं की संख्या का रिकॉर्ड भी इस बार टूट गया। इस चुनाव में माताओं-बहनों ने कमाल कर दिया है। भारत की आजादी के बाद संसद में इतनी बड़ी तादात में महिला सांसदों के बैठने की ये पहली घटना होगी। ये अपने आप में बहुत बड़ा काम हमारी मातृ शक्ति से हुआ है।

मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया
इससे पहले नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया। नेता चुने जाने के बाद उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल से पैर छूकर आर्शिवाद लिया। इस दौरान अमित शाह और प्रकाश सिंह बादल ने मोदी को संसदीय दल का नेता चुनने का प्रस्ताव रखा। इसका सभी सहयोगी दलों और सांसदों ने समर्थन किया।

देश के हर कोने से जनता ने मोदी को जनादेश दिया
इस दौरान अमित शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 17 राज्यों में 50 प्रतिशत और नौ इकाइयों में 40-50 फीसद वोट प्राप्त हुए हैं। देश के हर कोने से जनता ने मोदी को और भाजपा को जनादेश दिया है। आज मैं देश की जानता के सामने मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि जनता ने 2014 में जो प्रयोग किया था वह सफल रहा है। इस प्रयोग के बाद देश की जनता ने फिर मोदी को और एनडीए को प्रचंड जनादेश दिया है।

सर्जिकल स्ट्राइक से देश की सुरक्षा को लेकर आश्वासन का भाव पैदा हुआ
उन्होंने कहा कि भारत की गरीब जनता इस देश में अपनी जगह ढूंढ रही थी, जिसे मोदी जी ने पूरा किया है। मोदी जी ने 22 करोड़ गरीब परिवारों के जीवन स्तर को उठाया है। देश की जनता में एक टीस थी कि इस देश की सरकारें जनता की सुरक्षा के लिए और राष्ट्र की रक्षा के लिए गंभीर नहीं हैं। जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो जनता को भरोसा हुआ कि कोई नेता है जो दुश्मन को उसी की भाषा में जवाब दे सकता है। जब पुलवामा में दुखद हमला हुआ। पाक प्रायोजित आतंकियों ने 40 जवानों को मौत के घाट उतार दिया। और देश के सुरक्षा बलों ने उसका करारा बदला लिया तो देश की सुरक्षा को लेकर आश्वासन का भाव पैदा हुआ।

परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति ने देश को खोखला कर रहीं थी
शाह ने कहा कि परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति ने देश को खोखला कर रही थी, लेकिन इस बार का जनादेश देश को इन बुराइयों से निजात दिला दी है। देश की जनता ने एक ऐसे नेता को चुना है जो 20 साल एक छुट्टी नहीं ली है। एक भी दिन मैंने उनके जीवन में आलस नहीं देखा है।

लंबा राजनीतिक जीवन के बाद भी कोई दाग नहीं
शाह ने यह भी कहा कि इतना लंबा राजनीतिक जीवन बिताने के बावजूद उनके दामन पर एक भी दाग नहीं है। इस तरह से देश की जनता ने एक पारदर्शी नेता को चुनने का काम किया है। देश की इच्छा है कि दुनिया में भारत को महाशक्ति बनकर उभरना चाहिए और मुझे भरोसा है कि मोदी के नेतृत्व में देश को उचित सम्मान जरूर मिलेगा।

लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी मौजूद रहे
एनडीए की इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल, शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे, बिहार सीएम नीतीश कुमार, एलजेपी के रामविलास पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता समेत नवनिर्वाचित सांसद मौजूद रहे। माना जा रहा कि इस महीने के अंत में 30 मई को वे नए मंत्रिमंडल के साथ शपथ ग्रहण कर सकते हैं।

मां से मिलकर काशी जाएंगे मोदी
पीएम मोदी अपनी मां हीराबेन से मुलाकात करने रविवार को जाएंगे। यही नहीं इसके बाद सोमवार को वे वाराणसी जाने वाले हैं। इसकी जानकारी पीएम ने ट्वीट करके दी। उन्होंने इस दौरान कहा- ‘कल शाम को मां का आशीर्वाद लेने के लिए गुजरात जाऊंगा। इसके बाद सोमवार को काशी के लोगों ने मुझ पर जो विश्वास जताया, उसका धन्यवाद देने के लिए मैं वहां भी जाऊंगा।’

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