राष्ट्रपति ने तीन तलाक अध्यादेश पर लगाई मुहर

तीन तलाक बिल पिछले दो सत्रों से राज्यसभा में लटका हुआ है

नई दिल्ली :

बुधवार रात राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की ओर से तीन तलाक को गैर कानूनी बनाने वाले अध्यादेश पर मुहर लगा दी। तीन तलाक पर ये कानून तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

इससे पहले मोदी सरकार की कैबिनेट ने बुधवार को तीन तलाक से संबंधित अध्यादेश को पारित कर कर दिया। बता दें कि तीन तलाक बिल पिछले दो सत्रों से राज्यसभा में लटका हुआ है।

विपक्ष के विरोध के चलते मोदी सरकार इस बिल को राज्यसभा में अभी तक पास नहीं करा पाई है, इसलिए मोदी सरकार ने दूसरा रास्ता चुनते हुए फिलहाल इस पर अध्यादेश को मंजूरी दी है।

यह अध्यादेश 6 महीने तक लागू रहेगा, जिसके बाद सरकार को दोबार इसे बिल के तौर पर पास करवाने के लिए संसद में पेश करना होगा।

मोदी सरकार तीन तलाक के मुद्दे पर शुरू से ही आक्रामक रही है, इसके लिए सरकार की ओर से बिल भी पेश किया गया।

कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने तीन तलाक कानून का विरोध किया, जिसके बाद कानून को संसोधित किया गया है।

कैबिनट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि हमारे सामने 430 तीन तलाक के मामले आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश से हैं।

जिनमें से 229 सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले और 2011 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद के हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास तीन तलाक के मामलों के पुख्ता सबूत भी हैं।

इस मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने इसे बार-बार पास करवाने की कोशिश की।

करीब 3 बार कांग्रेस को समझाने की कोशिश भी की। लेकिन वोटबैंक के चलते कांग्रेस ने इस पास नहीं करने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पर वोट बैंक की राजनीति कर रही है।

उन्होंने विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर अपील करते हुए कहा कि सोनिया गांधी, मायावती और ममता बनर्जी को सरकार का साथ देना चाहिए।

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