बिलासपुर प्रेस क्लब में देवसेना फाउंडेशन द्वारा प्रेस मेट

विश्व स्तर के प्रतिनिधियों द्वारा दी जा रही मदद

बिलासपुर:बिलासपुर प्रेस क्लब में देवसेना फाउंडेशन द्वारा प्रेस मेट किया गया जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ की सदस्य व सिंगापुर महिला समूह की बिज़नेस कन्सलटेन्ट श्रीमती टेल्लरी सिरिशा मौजूद रही देवसेना फाउंडेशन एक ऐसी संस्थान है जो कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण महिलाओ के लिए रोजगार व अन्य कई समस्याओं के लिए कार्य करती है जिसके लिए पहली बार देवसेना जैसी संस्थान के लिए विश्व स्तर के प्रतिनिधियों द्वारा मदद दी जा रही है।

बिलासपुर में हुए प्रेस मीट में देवसेना की संस्थापक सृष्टि वर्मा, तथा संयुक्त राष्ट्र संघ की टेल्लरी सिरिशा व मशरुम ट्रेनर आई सूर्य किरण ने प्रेस मीट में महिलाओ के लिए व ग्रामीण लोगो के लिए अनेक रोजगार के मार्ग बताये जिसमे मुख्य रूप से मशरुम उत्पादन, ड्रैगन फ्रूट कल्टीवेशन, वर्मीखाद उत्पादन जैसे अनेक मार्गो में लोगो को रोजगार के लिए अवसर प्रदान कर रहे है इसमें संयुक्त राष्ट्र संघ जैसी संस्थान आघे आकर मदद दे रही है।

देवसेना छत्तीसगढ़ महिला समाजसेवी संस्था” द्वारा छत्तीसगढ़ के सुदूर अति पिछड़े ग्रामीण एवं वन परिक्षेत्रों की आदिवासी अशिक्षित एवं आर्थिक रूप से कमजोर तथा विकास की मुख्य धारा से कटे हुए ग्रामीण महिलाओं को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देकर उनमें कौशल एवं उद्यमिता की भावना का विकास कर शासकीय सहायता एवं संस्थागत योजनाओं द्वारा बनाये गए लघु एवं हाथकरघा उद्योगों के उत्पादों को सुदूर ग्रामीण अंचल से लेकर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के बाजारों तक सीधे पंहुचाने का मार्ग प्रशस्त कर उनको रोजगारोन्मुख आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने का कार्य विगत कई वर्षों से निरंतर कर रही है।

उपलब्धियां

1. लाख की चूडियों का निर्माण (पर्यावरण के हित में प्लास्टिक मुक्त) साल की पत्तियों और गत्ते से बनी आकर्षक डिब्बों में पैकिंग के साथ।

2. औषधीय जड़ी बूटियों से निर्मित सुगन्धित धूप बत्ती, कंडा एवं वर्मी (केंचुआ) खाद का निर्माण ।

3. मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण (ताजा और ड्राई पैकिंग) विद्यार्थियों और बच्चों के भोजन में प्रोटीन तथा पोषक तत्वों की भीषण कमी को दूर करने के महती उद्देश्य से, शालेय विद्यार्थियों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के मध्याह्न भोजन में मशरुम को अनिवार्य आहार के रूप में शामिल कर शासकीय योजनाओं के लाभ को समाज के सर्वहारा वर्ग तक पहुंचाने को कृत संकल्पित

4. छत्तीसगढ़ का मशहूर सुगंधित चावल(विष्णुभोग जीरा फूल आदि) जैविक कृषि पद्धति से

5. पर्यावरण हितैषी दोना-पत्तल, कटोरी निर्माण रेलवे स्टेशनों में खासतौर पर उपयोग से प्लाटिक मुक्त भारत के दृढ़ संकल्प के साथ

6. सामाजिक न्याय, महिलाओं की शिक्षा, एवं आत्मनिर्भरता से उत्थान द्वारा समग्र समर्थ सम्पूर्ण विकसित स्वच्छ भारत के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु समर्पित . . . आदर्श समाज के निर्माण के लिए संघर्ष के पथ पर, निरन्तर अग्रसर

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