छत्तीसगढ़बड़ी खबर

संघीय ढांचे में केंद्र व् राज्य सरकार की अपनी अपनी मर्यादाएँ है -भारत सिंह सिसोदिया

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री भारत सिंह सिसोदिया ने राज्य सरकार को घोषणा पत्र के वादों को याद दिलाते हुए कहा कि मुखयमंत्री जी केंद्र सरकार ने 2014 में ही स्पष्ट कर दिया था की केंद्र में धान एव गेंहू का भण्डारण आवयश्कता से अधिक है
राज्य सरकार के प्रोत्साहन और बोनस से एक ओर धान और गेंहू का रकबा व् उत्पादन लगातार बढ़ रहा है,भण्डारण और निर्यात में दिक्कत आ रही है तो दूसरी ओर दलहन तिलहन गन्ना कपास अदरक लहसुन प्याज मसाले सब्जिया फल फूल व् अन्य आवयश्क कृषि उत्पाद हतोत्साहित हो रहे है परिणामस्वरूप असंतुलन की संभावना बढ़ है,

केंद्र सरकर ने अपनी नीतियों यह भी स्पष्ट किया है की कृषको की आमदनी 2022 तक दुगनी कर दी जाएगी उसका संतुलित और सुदृढ़ ब्लूप्रिंट सामने है सॉयल हेल्थ कार्ड किसान प्रोत्साहन राशि 6000 प्रति वर्ष ,कृषक पेंशन योजना व् फसल बिमा योजना जैसी तमाम योजनाए हमारे सामने है
अतः धान व् गेंहू की फसलों को बेहिसाब प्रोत्साहन के स्थान पर सभी आवश्यक उत्पादों को सामान प्रोत्साहन दिया जायेगा तथा राज्य इस निति को अस्वीकार करेगा राज्य को स्वयं ही धान व गेहूं की खरीदी भंडारण उपयोग व् उपभोग की व्यवस्था बनानी चाहिए ऐसी स्थिति में केंद्रीय मद खरीदे वक वाला चावल केंद्र सरकार नहीं खरीदेगी इसी 2014 ,2015 व् 2016 के खरीदी रमन सरकार अपनी घोषणा के बावजूद बोनस वितरण नहीं पाई सरकार को कृषको के आक्रोश सामना करना पड़ा मुख्यमंत्री जी आप तो छत्तीसगढ़िया राजनीती के रग रग से वाकिफ है क्या आप इन परीस्थितियो को थे ?

सभी परीस्थितियो जानते बुझते भी आपने अपने घोसना पत्र में किसानो से बहुत सारे वादे किये थे किसानो ने आपकी बातों पर बेतहासा भरोषा किया कर्ज माफी का अर्धसत्य हमने देख लिया रमन सरकार के तीन साल बोनस और 2500 रुपए प्रति कीविंटल धान के मामले में आधा सच और आधा झूठ बताकर किसानो को गुमराह करने की बजाए अपना वादा निभाईये

ढाई साल के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी आप 15 वर्षो के मुख्यमंत्री,पूर्व केंद्रीय मंत्री,वर्तमान विधायक और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व केंद्रीय राज्य मंत्री को जवाब देने से बचने के लिए उनकी हैसियत पूछते है लगभग एक वर्ष तो बीत गया है डेढ़ वर्ष आपके पास शेष है अहसान मत कीजिये कृपया कर अपना वादा निभाईये भूपेश जी क्यूँकि डेढ वर्ष बाद किसान आपसे आपकी हैसियत पूछने की तैयारी में है

Tags
Back to top button