राष्ट्रीय

पीएमएमवीवाई-केस में आवेदन अपलोड के दिए गए निर्देश

प्रति आँगनवाडी केंद्र 11 आवेदन अपलोड करने का है लक्ष्य

पटना डिवीज़न में रोहतास 115 प्रतिशत आवेदन अपलोड कर रहा अव्वल

सासाराम : प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना(पीएमएमवीवाई) में गति लाने के लिए नोडल अधिकारी पीएमएमवीवाई ने राज्य के सभी आईसीडीएस जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र के माध्यम से निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए प्रति आंगनवाड़ी केंद्र 11 महिलाओं का आवेदन पीएमएमवीवाई-केस में अपलोड करने का निर्देश पूर्व में ही जारी किया गया था. इसको लेकर नोडल अधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष कम आवेदन अपलोड होने पर चिंता जताई है. साथ ही पीएमएमवीवाई-केस में अपलोड हुए आवेदनों की जिलावार सूची जारी कर आईसीडीएस जिला कार्यक्रम अधिकारियों को इससे अवगत कराया है.

डिवीज़न में रोहतास रहा अव्वल : नोडल अधिकारी पीएमएमवीवाई द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पटना डिवीज़न में रोहतास अप्रैल-मई के महीने में पीएमएमवीवाई-केस कुल कुल 3140 आवेदन अपलोड किया जो लक्ष्य का 1115 प्रतिशत है. कैमूर में कुल 1378 आवेदन अपलोड हुआ जो लक्ष्य का 102 प्रतिशत है। नालंदा में कुल 2740 आवेदन अपलोड हुआ जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है। पटना में में कुल 2227 आवेदन अपलोड हुआ जो लक्ष्य का 50 प्रतिशत है भोजपुर में कुल 1014 आवेदन अपलोड हुआ जो लक्ष्य का 47 प्रतिशत है। जबकि बक्सर में कुल 267 आवेदन अपलोड हुआ जो लक्ष्य का 17 प्रतिशत है. इस तरह रोहतास लक्ष्य से भी अधिक आवेदन अपलोड कर पूरे डिवीज़न में अव्वल रहा.

कार्रवाई के दिए गए आदेश : नोडल अधिकारी पीएमएमवीवाई ने पत्र के माध्यम से कम आवेदन या शून्य आवेदन अपलोड करने वाले आंगनवाड़ी सेविका के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने के लिए समस्त आईसीडीएस जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारियों को कम आवेदन अपलोड किए जाने पर संबंधित महिला विकास परियोजना अधिकारी, महिला पर्यवेक्षकों एवं डाटा ऑपरेटरों से इसके विषय में स्पष्टीकरण मांगने के लिए भी निर्देशित किया गया है.

क्या है योजना: संस्थागत प्रसव में इजाफ़ा एवं गर्भवती महिलाओं को विशेष सुविधा मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की गयी है. इस योजना के तहत प्रथम बार माँ बनने वाली माताओं को 5000 रुपये की सहायक धनराशि दी जाती है जो सीधे गर्भवती महिलाओं के खाते में पहुँचती है. इस योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि को तीन किस्तों में दिया जाता है. पहली क़िस्त 1000 रुपये की तब दी जाती है जब गर्भवती महिला अपना पंजीकरण कराती है. दूसरी किस्त में 2000 रुपये गर्भवती महिला को छः माह बाद होने प्रसव पूर्व जाँच के उपरान्त दी जाती है. तीसरी और अंतिम किश्त में 2000 रुपये बच्चे के जन्म पंजीकरण के उपरांत एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने के बाद दिया जाता है.

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