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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 1000 करोड़ रुपए के ‘स्टार्ट-अप इंडिया सीड फंड” की शुरुआत

मोदी ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये 'प्रारम्भ: स्टार्ट-अप भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन' को संबोधित किया

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में आधुनिक तकनीक वाले नए उद्यमों और नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपए के ‘स्टार्ट-अप इंडिया सीड फंड’ की शुरुआत की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही लोगों के जीवन में सुधार भी आएगी। देशभर में काम करने वाले स्टार्टअप आज देश में ई-टॉयलेट से लेकर पीपीई किट और दिव्यांगों के लिए सेवाएं देने तक के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

प्रेस कॉन्फेंसिंग के जरिए किया संबोधित

मोदी ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये ‘प्रारम्भ: स्टार्ट-अप भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’ को संबोधित करते कहा कि देश में स्टार्टअप के लिए पूंजी की कमी नहीं हो इसके लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इससे नए स्टार्टअप शुरू करने और उनकी वृद्धि को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर उन्होंने एक टेलिविजन शो स्टार्ट-अप चैंपियंस कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया, जो दूरदर्शन (डीडी) पर प्रसारित किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्टार्ट-अप के लिए इक्विटी पूंजी जुटाने में मदद के वास्ते कोषों के कोष की योजना को पहले ही अमल में ला चुकी है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में सरकार स्टार्ट-अप को गारंटी के जरिए कोष जुटाने में भी मदद करने वाली है।

स्टार्टअप के मामले में तीसरा देश बना भारत

मोदी ने कहा कि आज स्टार्ट-अप के मामले में भारत दुनिया का तीसरा बड़ा देश बन गया है। भारत ने इस दौरान कई उभरते उद्यमियों को आगे बढ़ने में मदद की गई। नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी के साथ ये उद्यमी आगे बढ़े और इनमें कई बड़ी कंपनी बन चुके हैं।

टेलिविजन शो का किया उद्घाटन

इस अवसर पर उन्होंने एक टेलिविजन शो स्टार्ट-अप चैंपियंस कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया, जो दूरदर्शन (डीडी) पर प्रसारित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत में चेन्नई, भोपाल, गाजियाबाद, सोनीपत के साथ कई स्थानों के स्टार्ट-अप के कामों के बारे में सुना। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश, भूटान, म्यामांर, नेपाल सहित बिम्स्टेक देशों के स्टार्ट-अप की उपलब्धियों को भी सुना।

अभियान के तहत लगे 41 हजार स्टार्टअप

मोदी ने कहा कि देश में आज 41,000 से अधिक स्टार्टअप अभियान में लगे हैं जिसमें 5,700 से अधिक आईटी क्षेत्र में हैं। 1,700 से अधिक कृषि क्षेत्र में काम कर रहे हैं। पिछले पांच साल में यह स्थिति बनी है। जहां 2014 से पहले देश के केवल चार स्टार्टअप ही यूनिकॉर्न क्लब में थे वहीं आज 30 से जयादा स्टार्टअप इस क्लब में शामिल हैं।

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