PMO ने टॉम ऑल्टर को दी श्रद्धांजलि, सिनेमा में उनके योगदान को किया याद

जाने-माने एक्टर टॉम ऑल्टर का शुक्रवार रात मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया. वह कैंसर से जूझ रहे थे. कुछ दिन पहले ही उनके परिवार ने इसकी जानकारी दी थी. बताया गया था कि टॉम को एक प्रकार का स्किन कैंसर था. वह कैंसर की चौथी स्टेज में थे.

मुंबई के सैफी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. टॉम ने सिर्फ टीवी और फिल्मों में ही नहीं, थियेटर में भी लंबे समय तक काम किया है.

एक समय में वह स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट भी रहे. उनके निधन पर महेश भट्ट से लेकर रामचंद्र गुहा तक फिल्म, खेल और राजनीति जगत से जुड़ी जानी-मानी हस्तियों ने शोक जताया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सिनेमा की दुनिया में उनके योगदान को याद करते हुए ट्वीट किया है.

अभिनेता अर्जुन कपूर ने जुबान संभाल के फिल्म का जिक्र करते हुए लिखा है कि उनके बचपन की कई यादें टॉम अल्टर से जुड़ी हुई हैं.

रितेश देशमुख ने अपनी फिल्म बैंगिस्तान का जिक्र किया है, जिसमें उन्हें टॉम के साथ काम करने का मौका मिला था.

जाने-माने क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने ट्वीट किया है- इस सुबह दुनिया से एक अच्छा इंसान कम हो गया है.

लंच बॉक्स फेम एक्टर निमरत कौर ने भी लिखा है कि सुबह एक दुखद खबर के साथ हुई.

मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने भी टॉम ऑल्टर का एक इंटरव्यू शेयर करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

 

एक्टिंग में मिला था गोल्ड मेडल

टॉम ने 1974 में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ पुणे से एक्टिंग में ग्रेजुएशन के दौरान गोल्ड मेडल हासिल किया था.

67 साल के टॉम ने टीवी शोज के अलावा 300 के करीब फिल्मों में भी काम किया है. उन्हें खासतौर पर मशहूर टीवी शो जुनून में उनके किरदार केशव कल्सी के लिए जाना जाता है. 1990 के दशक में यह टीवी शो लगातार पांच साल तक चला था.

स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट भी रहे

उनकी एक्टिंग के फैंस ये बात शायद ही जानते हों कि 1980 से 1990 के दौरान टॉम एक स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट भी रहे हैं.

इतना ही नहीं उनके नाम एक और उपलब्धि है. वह टीवी पर सचिन तेंदुलकर का इंटरव्यू लेने वाले वह पहले व्यक्ति थे.

धर्मेंद्र के साथ बॉलीवुड डेब्यू

ऑल्टर ने तीन किताबें भी लिखी हैं 2008 में उन्हें कला और सिनेमा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री अवॉर्ड भी दिया गया था.

बता दें इंडियन-अमेरिकन एक्टर टॉम ऑल्टर का जन्म मसूरी में हुआ था और उनकी परवरिश भी वहीं हुई। उन्होंने 1976 की धर्मेंद्र की फ़िल्म ‘चरस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था.

आखिरी दिनों तक थियेटर में सक्रिय

1977 में ऑल्टर ने नसीरुद्दीन शाह के साथ मिलकर मोल्टे प्रोडक्शन के नाम से एक थियेटर ग्रुप बनाया था. वह थियेटर में लगातार सक्रिय रहे हैं.

उनकी खास फिल्मों की बात करें, तो इनमें परिंदा, शतरंज के खिलाड़ी और क्रांति जैसी फिल्में शामिल हैं. वह आखिरी बार सरगोशियां फिल्म में नजर आए थे. यह फिल्म इसी साल रिलीज हुई थी.

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