प्रधानमंत्री ने शालेय विद्यार्थियों को दिया परीक्षा पूर्व तनाव मुक्ति के सुझाओ

जिले के 77020 विद्यार्थी टी.वी., रेडियो के माध्यम से दृश्य श्रवण कर हुए लाभान्वित

बेमेतरा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश के 10 करोड़ शालेय विद्यार्थियों से प्रश्नोत्तरी शैली में मित्रवत संवाद स्थापित कर उन्हें परीक्षाओं से होने वाले तनाव से बचाव के उपायों के संबंध में टिप्स दिए। उन्होंने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, एकाग्रता, परीक्षा के समय तनाव से मुक्ति, अनुस्पर्धा, डी-फोकस, योगा, आईक्यू और ईक्यू में संतुलन पर जोर देते हुए शिक्षकों को भी आवश्यक सुझाव दिए। उक्त संवाद का सीधा प्रसारण डी.डी. नेशनल, डी.डी. न्यूज एवं डी.डी. इंडिया द्वारा दूरदर्शन पर तथा आल इंडिया रेडियो पर किया गया।

शिक्षा विभाग द्वारा जिला मुख्यालय बेमेतरा स्थित शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सहित जिले के 660 शासकीय/अशासकीय/मिडिल/हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रधानमंत्री के संवाद के प्रसारण एवं दृश्य श्रवण हेतु टी.वी., एजूसेट व रेडियों की व्यवस्था की गई थी। उक्त विद्यालयों के 77020 छात्र-छात्राओं और शिक्षकगण प्रधानमंत्री के संवाद श्रवण कर लाभान्वित हुए। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत करें। हमें अपने आप को हर पल कसौटी पर कसने की आदत डालनी चाहिए। आत्मविश्वास हर पल प्रयासों से आता है।

जीवन में सफलता के लिए संसाधनहीन होने के बावजूद भी आत्मविश्वास जागृत रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकाग्रता के लिए विद्यार्थी स्वयं आत्म निरीक्षण करें। तनाव से मुक्ति के लिए आप किस चीज में समर्थ हो, जानने का प्रयास करें। प्रतिस्पर्धा में आप खुद के लिए काम करें। खुद का पैरामीटर तय कर दो कदम आगे चलें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी प्रतिस्पर्धा के चक्र से निकलकर अपने आप से अनुस्पर्धा करें। माता-पिता द्वारा परीक्षा में अच्छे अंक लाने के दबाव के संबंध में उन्होंने कहा कि विद्यार्थी माता-पिता के विचारों पर शक न करें। प्रत्येक माता-पिता की ईच्छा अपने बच्चों को सफल होते देखने की होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चों में एक परमशक्ति होती है, पालकों में भी बच्चों के सामथ्र्य को पहचानने की क्षमता हो।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा विशयों में फोकस के साथ इसे डी-फोकस भी करना चाहिए। इसके लिए वे बचपन की आदत से जुड़कर स्वयं को खुलापन देंवे। प्रधानमंत्री ने जिंदगी में आईक्यू और ईक्यू के संतुलन पर जोर देते हुए तनाव मुक्ति में जो योगा विद्यार्थियों को अच्छे लगे वहीं से शुरूआत करने की सुझाव दी। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों में आत्म विश्वास बढ़ाने विद्यार्थियों के ईको सिस्टम से जुड़कर मार्गदर्शन देने का सुझाव देते हुए कहा कि शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच गुरू-शिश्य का नाता शिक्षा जगत में कायम रहे। प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों के जिज्ञासाओं का समाधान भी किया और उन्हें परीक्षा में सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दिए। कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ए.के. भार्गव एवं विभाग के अन्य अधिकारी, शैक्षणिक संस्थाओं के प्राचार्य, शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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