प्रधानमंत्री थेरेसा मे द्वारा संसद में प्रस्तावित ब्रेक्जिट समझौता तीसरी बार खारिज

ब्रिटेन को 12 अप्रैल तक ईयू से अलग होने के लिये वैकल्पिक प्रस्ताव पेश करना है

लंदन: ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा में अपनी कंजरवेटिव पार्टी के दबाव में झुक गईं और उनके ब्रेक्जिट प्रस्ताव को सांसदों का समर्थन मिलने की स्थिति में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी थी. इसी कड़ी में शुक्रवार को एक बार फिर ब्रिटेन के सांसदों ने उनके स्तावित ब्रेक्जिट समझौते को खारिज किया.

यह अहम मतदान ऐसे दिन हुआ जब ब्रिटेन को पहले के कार्यक्रम के हिसाब से शुक्रवार को यूरोपीय संघ से बाहर हो जाना था. हालांकि, यूरोपीय संघ के नेताओं ने ब्रिटेन को बाद में इसके लिये और वक्त दे दिया. यूरोपीय संघ के अनुसार, ब्रिटेन को 12 अप्रैल तक ईयू से अलग होने के लिये वैकल्पिक प्रस्ताव पेश करना है.

चूंकि सांसदों ने एक बार फिर प्रधानमंत्री के प्रस्ताव को खारिज कर दिया इसलिये प्रधानमंत्री को अब 12 अप्रैल तक नयी योजना पेश करनी होगी. थेरेसा मे ने कहा था कि अगर उनकी ब्रेक्जिट योजना संसद से पारित हो गई तो वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगी.

सदन के फैसले के परिणाम गंभीर

मतदान के नतीजे पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री मे ने सांसदों से कहा,‘सदन के फैसले के परिणाम गंभीर हैं. मुझे डर है कि हम सदन में इस प्रक्रिया की सीमा पर पहुंच रहे हैं. यह सरकार व्यवस्थित ब्रेक्जिट के लिये दबाव जारी रखेगी, जो जनमत संग्रह की मांगों का नतीजा है.’ उन्होंने कहा कि सांसद वैकल्पिक प्रस्ताव पर अगले सप्ताह चर्चा करेंगे.

मतदान के नतीजे पर प्रतिक्रिया देते हुए यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने अपने ट्वीट में कहा,‘हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा यूरोपीय संघ से अलग होने के समझौते को खारिज किये जाने के मद्देनजर मैंने 10 अप्रैल को यूरोपीय परिषद की बैठक बुलाने का फैसला किया है.;

हाउस ऑफ कॉमन्स के प्रधानमंत्री थेरेसा मे की ओर से प्रस्तावित ब्रेक्जिट समझौते को खारिज किये जाने के तुरंत बाद यूरोपीय परिषद के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले सप्ताह किये गए फैसले के अनुरूप ब्रेक्जिट को 12 अप्रैल तक टाला जाएगा.

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