कैदी ने जेल में लगाई फांसी, काट रहा था उम्रकैद की सजा

गांधी नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सेंट्रल जेल में भाई के साथ हत्या के मामले में आजीवन कारावास काट रहे कैदी ने गुरुवार सुबह अपनी बैरक में फांसी लगा ली।

घटना से एक बार फिर जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। गांधी नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गांधी नगर पुलिस के मुताबिक संतोष पुत्र दीपनारायण राजपूत (44) मंडीदीप का रहने वाला था।

संतोष और उसके भाई संजय को छह साल पहले हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

तब से संतोष अपने भाई के साथ जेल में बंद था। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे संतोष ने अपने भाई के साथ जेल में चाय पी।

इसके बाद संजय और अन्य कैदी बैरक से बाहर धूप सेंकने चले गए। इस दौरान संतोष ने बैरक में गमछे का फंदा लगाकर फांसी लगा ली।

पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।

जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे ने बताया कि संतोष और उसके भाई का जेल में आचरण अच्छा था।

इस वजह से संतोष को जेल के ऑफिस संबंधी काम में लगा दिया गया था। कुछ दिन पहले ही संतोष पैरोल से वापस लौटा था।

बुधवार को उसने अपनी पत्नी और बहन से फोन पर बात भी की थी। गुरुवार सुबह भी वह सहज दिखा था। सुबह करीब 10 बजे उसने अपने भाई संजय के साथ चाय पी।

बाद में बाकी कैदी धूप में चले गए थे। इस बीच संतोष ने फांसी लगा ली। घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है।

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