पैरोल और अंतरिम जमानत पर छूटे कैदियों को 15 तक करना होगा सरेंडर

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा

बिलासपुर//- प्रदेश की जेलों से पैरोल व जमानत पर छूटे कैदियों को 15 जनवरी तक सरेंडर करना होगा,इस दौरान उनका पहले आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाएगा,रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही जेल दाखिल हो सकेंगे,पाजिटिव आने पर उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा,कोविड अस्पताल में संक्रमित कैदी के स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें जेल ले जाया जाएगा..

कोर्ट ने कहा- एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट सही नहीं

सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कहा गया कि अभी तक जिन कैदियों ने सरेंडर किए हैं उनका एंटीजन टेस्ट किया गया है,इस पर कोर्ट ने कहा कि एंटीजन टेस्ट में रिपोर्ट सही नहीं आती है,जेल भेजने से पहले सभी की RTPCR जांच हो,रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही जेल भेंजे,बाकी को कोविड सेंटर भेजकर इलाज कराएं,साथ ही कहा कि जिन्होंने पहले सरेंडर किया है उनकी भी RTPCR जांच कराई जाए..

केंद्रीय जेल से छोड़े गए कैदियों की संख्या

रायपुर – 3224 दुर्ग – 2031 बिलासपुर – 1910 अंबिकापुर – 849 जगदलपुर – 739 इसके साथ ही जिला जेल और उपजेल मिलाकर 19502 कैदियों को छोड़ा गया था..

SC ने 15 दिन बढ़ाई थी अवधि, छत्तीसगढ़ HC को दिए थे निर्देश..

सुप्रीम कोर्ट ने कैदी जय जायसवाल के मामले में पहले 6 जनवरी तक राहत दी थी,फिर 5 जनवरी को सुनवाई करते हुए 10 दिन और सरेंडर अवधि को बढ़ा दिया था,साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को आदेश दिया था कि वे आवेदन पर सुनवाई करें,इस पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान याचिका के साथ आवेदन की सुनवाई की और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को यथावत रखा है..

कोरोना संक्रमण और जेलों में भीड़ के कारण कैदियों को मिली थी पैरोल सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोविड-19 संक्रमण जेल में फैलते देख और भीड़ को कम करने के लिए सभी राज्य सरकारों को हाईपावर कमेटी गठित करने का आदेश दिया था,इस आदेश पर 26 मार्च 2020 को छत्तीसगढ़ राज्य में हाईपावर कमेटी गठित की गई,कमेटी ने कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए कैदियों को जेल से छोड़ने का निर्णय लिया था…

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