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अभिभावकों पर प्राइवेट स्कूल ने ठोका 2.7 करोड़ का मानहानि केस

नई दिल्ली : नेताओं को तो आपने अक्सर मानहानि का केस करते देखा होगा, कई बार बड़े बिजनेस टाइकून भी मानहानि का केस कर देते हैं. लेकिन आपको जानकर यह ताज्जुब होगा कि दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल ने अपने ही बच्चों के अभिभावकों पर मानहानि का केस ठोक दिया है.

स्कूल की तरफ से यह मानहानि का केस इसलिए ठोका गया है क्योंकि अभिभावकों ने फीस वृद्धि का विरोध करते हुए इसकी शिकायत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पब्लिक ग्रीवेंस मॉनिटरिंग सर्विस को भी कर दी थी. जब इस पूरे मामले की पड़ताल डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन ने की तो पता चला कि फीस वृद्धि करके जो पैसा स्कूल ने कमाया वह शिक्षकों के वेतन को बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि महंगी लग्जरी गाड़ी खरीदने और नोएडा व गुड़गांव जैसी जगहों पर जमीन खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया.

कोर्ट ने इस मामले में स्कूल की याचिका पर सुनवाई करते हुए 16 अगस्त को स्कूल प्रशासन समेत उन सभी अभिभावकों को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है जिन पर मानहानि का केस ठोका गया है. साउथ दिल्ली के इस बड़े नामचीन स्कूल ने लगभग 11 अभिभावकों पर 25-25 लाख रुपये का मानहानि का दावा ठोका है. कुल 11 अभिभावकों पर दो करोड़ 75 लाख रूपये का मानहानि का केस स्कूल की तरफ से किया गया है.

अभिभावकों का कहना है कि पिछले 5 साल में बच्चों की बेसिक फीस में 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ा दी गई है. अगर फीस के साथ लिए जाने वाले अन्य पैसों को जोड़ दिया जाए तो हर महीने की फीस 10 से 12 हजार तक पहुंच जाती है. पब्लिक ग्रीवेंस मॉनिटरिंग सर्विस और डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन की अब तक की जांच में सामने आया है कि करीब 23 करोड़ 42 लाख 81 हजार रुपए की रकम स्कूल के पास बकाया थी.

कोर्ट ने अगली तारीख पर अभिभावकों की वकील सुमन सतीश को ऑडिट रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है. सुनवाई के दौरान कोर्ट का सवाल यह भी था कि स्कूल ने जिन अभिभावकों के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया है, क्या उनके बच्चों की अच्छी शिक्षा की व्यवस्था आगे रह पाएगी. कोर्ट 16 अगस्त को इस मामले की दोबारा सुनवाई करेगा.

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