सरकार आने पर अस्पतालों के निजीकरण पर रोक लगेगी : कांग्रेस

प्रदेश के 9 सरकारी अस्पताल पीपीपी मॉडल पर होंगे विकसित

सरकार आने पर अस्पतालों के निजीकरण पर रोक लगेगी : कांग्रेस

रायपुर : प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार को घेरने का प्रयास किया है. हर बार की तरह इस बार भी कांग्रेस ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधा है . कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश के मुखिया खुद डॉक्टर हैं, वहां स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों का निजीकरण बेशर्मी से लागू किया जा रहा है, हम इसकी निंदा करते हैं. वहीँ कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने कई आरोप सरकार पर लगाए हैं. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार शराब की सरकारी दुकानें खोल रही है और अस्पतालों का निजीकरण किया जा रहा है.

सरकार की प्राथमिकता शराब बेचना है. आम लोगों के स्वास्थ्य की चिंता सरकार को नहीं है. राकेश गुप्ता ने कहा कि सीएस की अध्यक्षता में निर्णय लिया गया कि 9 सरकारी अस्पतालों को पीपीपी मोड में निजी क्षेत्रों को दिया जाए. इन 9 अस्पतालों में एक नया रायपुर और एक कुरूद भी शामिल है.

इसका मतलब ये है कि जहां सरकार है, वहां भी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने में सरकार सक्षम नहीं है. उन्होंने कहा कि जिन 9 सरकारी अस्पताल को निजी हाथों में दिया जा रहा है, वह शहरी क्षेत्र है.

शहरों में भी सरकार स्वास्थ्य सुविधा नहीं दे पा रही. वहीँ कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अस्पतालों के निजीकरण का हम हर स्तर पर विरोध करेंगे. सड़क पर इसे लेकर आंदोलन करेंगे.

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